संविधान के विरूद्ध जातिवाद को बढ़ावा; सरकार, पुलिस और प्रशासन चुप

भारत के संविधान में जाति आधारित भेदभाव को प्रतिबंधित किया गया है। आजादी के कई साल बाद आज भी जातिवाद समाज में मौजूद है। इसका एक उदाहरण हैदराबाद (Hyderabad) में देखने को मिला है। इस साल हाल ही में हैदराबाद में एक ब्राह्मण क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें खेलने वाले खिलाड़ियों को अपने साथ आईडी प्रूफ लाने को कहा गया। इस टूर्नामेंट के पोस्‍टर में साफतौर पर यह लिखा गया था कि कोई भी दूसरी जाति का व्‍यक्ति इस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएगा।

हैदराबाद के नागोल में स्थित बीएसआर क्रिकेट ग्राउंड में हाल ही में इस ब्राह्मण क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसका पोस्‍टर सामने आने के बाद ट्विटर पर इसे लेकर चर्चा हो रही है। यह आयोजन 25 और 26 दिसंबर को आयोजित किया गया था। इस आयोजन के बाद न्‍यूज18 की टीम ने पोस्‍टर पर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल किया। इसमें साफ जानकारी दी गई कि यह क्रिकेट टूर्नामेंट तय तारीख को आयोजित किया गया था।

टीम को फोन पर बताया गया कि इस ब्राह्मण क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन स्‍थानीय निकायों की अनुमति से किया गया था। साथ ही इसमें कोविड 19 के बचाव से जुड़े सभी नियमों का पालन किया गया था। यह भी जानकारी दी गई कि इस टूर्नामेंट से हुई कमाई को स्‍थानीय निजी एनजीओ को दान दिया गया। टूर्नामेंट के एक दिन बाद यानी 27 दिसंबर को इस टूर्नामेंट का पोस्‍टर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर लोग क्रिकेट में जातिवाद को लेकर आलोचना कर रहे हैं। हो सकता है कि ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर पहली बार क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर चर्चा हुई हो. लेकिन यह पहला ऐसा टूर्नामेंट नहीं है। Cricheroes नामक एक वेबसाइट खुद को दुनिया के स्‍थानीय क्रिकेटर्स के लिए एक ऐप होने का दावा करती है। यह ऐसी सुविधा देती है कि क्रिकेटर अपना स्‍कोर अंतरराष्‍ट्रीय मैच की तरह ऑनलाइन ब्रॉडकास्‍ट कर सकता है। इस वेबसाइट पर ‘ब्राह्मण क्रिकेट टूर्नामेंट 2020’ नाम एक अलग पेज भी है।

2017 में द ट्रिब्‍यून ने एक खबर प्रकाशित की थी. इसमें बताया गया था कि सिर्फ ब्राह्मणों के लिए ही जालंधर में भी एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। इसका आयोजन ‘ड्रग के खतरे को खत्‍म करने के लिए’ नामक सामाजिक अभियान के तहत किया गया था।

इसमें बताया गया था कि यह क्रिकेट टूर्नामेंट ‘ब्राह्मणों का, ब्राह्मणों के लिए और ब्राह्मणों के द्वारा’ था। इस टूर्नामेंट में पंजाब, हरियाणा, दिल्‍ली, राजस्‍थान से हिस्‍सा लेने वाली 24 टीमों में और पंजाब की भार्गव क्रिकेट एसोसिएशन का हर सदस्‍य ब्राह्मण था।

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