सात किलोमीटर दूर पंचायत में शामिल करने पर बिफरे नूरपुर के ममूर गांव के लोग, चुनाव बहिष्कार करेंगे

छतरोली पंचायत में एमएलए व एमपी के लिए मतदान करने वाले ममूर गांव के लोगों को सात किलोमीटर दूर जाकर वोट डालना पड़ेगा। जो ममूर गांव के लोगों को कदापि मंजूर नही हैं और गांव के लोगों ने रोष स्परूप मतदान के बहिष्कार करने का फैसला लिया है। इस गांव के करीब 120 लोगों ने मतदान बहिष्कार करने का फैसला लिया है। ममूर निवासी ममता ने कहा हमें ग्योरा पंचायत में शमिल किया गया है, जो हमारे यहां से बहुत दूर है और हमें अगर कोई काम होगा तो  आने-जाने में दिक्कत आती है और न ही हमारा कोई काम होता है। इसलिए हमारी पंचायत कमनाला ही रहनी चाहिए।

गांव के बुजुर्ग मनोहर लाल ने कहा हमारे गांव के  साथ अन्याय किया गया है। हमें पंचायत कार्यों के लिए सात किलोमीटर जाना और सात किलोमीटर आना पड़ेगा। उन्‍हें जसूर, छतरोली, कमनाला इत्यादि को छोड़ कर ग्योरा पंचायत में शामिल किया गया है। उन्‍होंने कहा कि वह सरकार को कहना चाहते हैं की वे सब गांव सी सभी चुनावों का बहिष्कार करेंगे।

ममूर के युवा सुनील सेन ने कहा कि हम इस समस्या को लेकर विकास खंड अधिकारी व वन मंत्री के पास गए पर उन्होंने झूठा आश्वासन ही दिया। गांव के साथ लगती तीन चार पंचायतों को छोड़ कर उन्‍हें सात किलोमीटर दूर ग्योरा पंचायत में शमिल किया गया है। यहां करीब 120 मत हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है उनमें से दस मत छतरोली, दस कमनाला पंचायत में शमिल किए गए और दस मत लिस्ट में ही नहीं है। प्रशासन पता नहीं कौन सी नींद में सोया हुआ है।

नूरपुर विकास खंड अधिकारी रोहित शर्मा ने बताया बताया कि इस मामले को लेकर ग्योरा ममूर के गांव के लोग हमारे पास आये थे। हमने उन्हें बता दिया कि यह जो वोटों का विभाजन किया गया है यह नियमानुसार हुआ है। क्योंकि जब विभाजन किया जाता है तो वो मूहाल के हिसाब से किया जाता है। नियमानुसार हम किसी भी मुहाल को तोड़ नहीं सकते हैं और अगर हम वोटों को दूसरी पंचायत में नहीं जोडते हैं तो वह पंचायत छोटी हो जाएगी। इसलिए यह जो प्रक्रिया हुई है वह नियमानुसार हुई है।

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