एसीसी की मनमानियों के खिलाफ बिटिया फाउंडेशन के धरने के आठवां दिन, गेट पर दिखाए काले झंडे

बरमाणा में बिटिया फाउंडेशन का विस्थापितों और प्रभावितों के अधिकारों के लिए दिए जा रहे धारण का आज आठवां दिन था।अभी तक सैकड़ों की संख्या में लोग आंदोलन का हिस्सा बन चुके है लेकिन प्रशासन और सरकार के साथ साथ एसीसी कंपनी भी अभी तक चुप है। कंपनी या प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी महिलाओं के इस आंदोलन को खत्म करने के लिए बात करने सामने नही आया है। जबकि अब धरना दिन प्रति दिन उग्र होता जा रहा है। इसी क्रम में आज बिटिया फाउंडेशन और स्थानीय नारी शक्ति ने आज कंपनी के गेट पर खड़े होकर नारेबाजी की और काले झंडे दिखाए।

इस मामले में बिटिया फाउंडेशन की अध्यक्ष सीमा संख्यान ने एसीसी सीमेंट कंपनी के प्रबंधन की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अभी तो काले झंडे ही दिखाए आगे आगे देखिए क्या होता है। उन्होंने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी तो इससे भी ज्यादा लोग इकठे होंगे और इससे भी ज्यादा उग्र रूप में यह अनिश्चितकाल धरना होगा। सीमा संख्यान ने कहा कि जिला प्रशासन और एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन किसी भूल या अँधेरे में न रहे की जैसे पहले लोगों को मुर्ख बना कर अपना उल्लू सीधा  करते रहे और बरमाणा की विस्थापित एवं प्रभावित जनता को लूटते रहे। अब ऐसा नहीं होगा। अब यहाँ के भोले भाले लोग जाग चुके है और अपना हक़ ले कर ही रहेंगे।

सीमा सांख्यान ने कहा कि हमने ऐसा क्या मांग लिया जो ए सी सी सीमेंट कंपनी प्रबंधन इतने दिनों से हमसे बात नहीं कर रहा है? सीमा सांख्यान ने निम्न मांगे सरकार, कंपनी और प्रशासन के सामने रखी;

1.  कंपनी द्वारा स्थानीय लोगों से रोजगार के मामले में भेदभाव करने पर उन्होंने कहा कि कंपनी के आम जनता से किए वादे के अनुसार हमने अपने जीवन का भरणपोषण करने के लिए रोजगार ही तो माँगा है। यह हमारा अधिकार है और हम लेकर ही रहेंगे।

2. सीमा सांख्यान ने मांग की कि जहाँ सीमेंट बनता है (हिमाचल में) वहां मंहगा और दूसरे राज्यों में सस्ता जो की हमें भी सस्ता मिलना चाहिए। बल्कि जो यहाँ के लोग कंपनी का प्रदूषण सहन कर रहे है उनको सीमेंट आधे दाम पर मिलना चाहिए।  

3. कंपनी द्वारा दीवार लगा कर स्थानीय जनता के रास्ते बंद किए जाने के मामले में उन्होंने कहा कि हमारे घरों के आगे जो दिवार एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने दी है उससे हटा कर लोगों को अपनी जमीन और अपने घरों को आने जाने के लिए रास्ते दिए जाने चाहिए। यह एक अमानवीय कृत्य है और सरकार को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।

4. सीमा सांख्यान ने प्रदुषण पर बात रखते हुए कहा कि कंपनी को प्रदुषण को कम करवाना चाहिए। ताकि यहाँ के लोगों की जान माल की रक्षा की जा सके और भयानक बिमारियों से बचाया जा सके। जैसे एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन अपने मनेजमेंट और कामगारों को मेडिकल की सुविधा देती है वैसी ही सुविधा बरमाणा के  विस्थापित एवं प्रभावित लोगों को मिलनी चाहिए।

उन्होंने आगे बताया कि अगर एसीसी सीमेंट कंपनी प्रबंधन चाहे तो ये एक दिन में ही सारी मांगे मान सकते है और सारा काम करवा सकते है। लेकिन शायद इनको बरमाणा के विस्थापित एवं प्रभावित लोगों से कोई लगाव ही नहीं रहा है।

सीमा संख्यान ने बताया कि अन्तराष्ट्रीय उपभोक्ता कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष मुंशी राम ठाकुर ने भी हमारे इस धरने को सही करार देते हुए अपना पूरा समर्थन हमें दिया। मुंशी राम ठाकुर ने आश्वासन दिया है कि जब यहाँ जरूरत होगी, हम दल बल के साथ हाजिर हो जायेंगे। हिमाचल प्रदेश लाइव न्यूज़ के चीफ एडिटर पवन देवगन ठाकुर ने भी अपना समर्थन इस धरने में आकर दिया। इस धरने में बरमाणा पंचायत के उपप्रधान अवदेश भारद्धाज,  कंचन, बेबी खान, माया, रजनी, कनिका, सुनीता, मंजू, स्वेता, योगिता, मोहन, नेहा, श्याम लाल, वरिंदर , शिवम्, मंजू शर्मा, जाहीद, कसल्या, बंदना, सुमन, नरेश, विवेक आदि ने अपनी उपस्थित  दी । 

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