फर्जी दस्तावेज गिरोह: नौकरी लगवाने के नाम पर बड़ा खेल, करोड़ो की संपत्ति का मालिक बना जवाहर लाल रैना

फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के सरगना जवाहर लाल रैना और उनकी पत्नी रीता रस्तोगी की कुंडली खंगालने में पुलिस जुट गई है। कई जगह उनकी संपत्ति होने की जानकारी मिली है। पता चला है कि कुछ ही वर्षों में जवाहर लाल रैना ने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली है। आरोपी दंपती की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही उनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।

शास्त्रीनगर निवासी जवाहर लाल रैना करीब छह साल पहले फर्जी डिप्लोमा, मार्कशीट और अन्य दस्तावेज बनाने के अवैध कारोबार से जुड़े। शुरुआत में दायरा सीमित रहा, लेकिन जैसे-जैसे मुनाफा बढ़ा, वैसे-वैसे दायरा भी बढ़ गया। पंजाब, राजस्थान, दिल्ली जैसे राज्यों में वह बेहद कम समय में इस काम में अपनी पकड़ बना चुका है।

पुलिस को नौचंदी और मेडिकल क्षेत्र में उनकी संपत्ति की जानकारी मिली है। इसके बाद गाजियाबाद व नोएडा जैसे शहरों में भी संपत्ति होने का अंदेशा जताया जा रहा है। नौचंदी वाले घर पर पुलिस ताला डाल चुकी है, जबकि मेडिकल क्षेत्र के घर पर जवाहर लाल खुद ताला डालकर पत्नी और बेटी के साथ फरार है।

शुरुआती छानबीन में ब्रह्मपुरी और मेडिकल थाने में कुछ केस सामने आए हैं। इसके अलावा एक केस पंजाब के गुरदासपुर में दर्ज होना बताया गया है। वहां की पुलिस से भी संपर्क कर विवरण जुटाया जा रहा है। पुलिस संभावित स्थलों पर दंपती की तलाश कर रही है।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे 500 से ज्यादा पा चुके नौकरी
फर्जी दस्तावेज के इस खेल के सहारे करीब 500 से ज्यादा लोग नौकरी पा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या खेल कोटे से नौकरी पाने वालों की बताई जा रही है। बताया जाता है कि खिलाड़ी खुद इनसे संपर्क करते थे। इन्हें मनमानी कीमत पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा रहे थे।

2005 में मुलाकात, 2007 में शादी
पुलिस के अनुसार रीता के पहले पति और एक बेटे की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। 2005 में उनकी जवाहर लाल रैना से मुलाकात हुई और वर्ष 2007 में उन्होंने शादी कर ली। शुरुआत में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम किया, लेकिन धीरे-धीरे फर्जी दस्तावेज के गिरोह से जुड़ते गए।

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