इन सरकारी कर्मचारियों की बल्ले -बल्ले, अब नया पे-स्केल होगा लागू, अगला नंबर 7th Pay Commission का!

आज भी कई राज्यों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सरकारी कर्मचारियों को सैलरी और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत का लाभ नहीं मिल रहा है. दरअसल ऐसे राज्यों में अभी भी पुराना वेतनमान लागू है. जबकि देश के अधिकांश बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि में सातवीं सीपीसी लागू हो चुकी है

हाल ही में हिमाचल प्रदेश की सरकार ने राज्य में छठा वेतनमान लागू करने का फैसला लिया है. राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए छठवां वेतन आयोग को लागू करने की घोषणा खुद मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने की. इसके तहत राज्य के सरकारी कर्मचारियों को जनवरी 2016 से नए वेतनमान का लाभ दिया जाएगा.

बीते शनिवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश नॉन-गेजेटेड कर्मचारी महासंघ की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन और अन्य पेंशन लाभ दिए जाएंगे. जबकि संशोधित वेतनमान के साथ महंगाई भत्ता व महंगाई राहत दी जाएगी. उन्होंने कहा कि संशोधित वेतनमान और पेंशन से राज्य के खजाने पर सालाना 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

राज्य के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 5 मई 2009 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार ठाकुर ने 15 मई 2003 से नई पेंशन प्रणाली लागू करने की भी घोषणा की. इससे राज्य पर करीब 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने सरकार के संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की अवधि तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने की भी घोषणा की. इसके बाद उन्होंने लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों की निकासी के लिए अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की.

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार अपने कुल बजट का लगभग 43 प्रतिशत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर खर्च कर रही है, जो छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा. पिछले चार वर्षो में राज्य ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए में 22 प्रतिशत की वृद्धि की है, साथ ही उन्हें 1,320 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ दिया है.

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