ज्वालामुखी में बबली शर्मा ने रचा इतिहास। चाय और पकौड़े बेच कर करती थी अपना जीवन यापन।

जव्लामुखी: आज से 25 साल पहले जसबां परागपुर बिधान सभा के गांब रक्कड़ से अपने परिबार को पालने की खातिर जव्लामुखी शहर की तरफ रुख करने बाली महिला ने जव्लामुखी की स्थानीय राजनीति में एसी धमाल मचाई है। कि बड़े बड़े राजनीतिक पंडितो के होश उड़ा दिए हैं। हम बात कर रहे हैं रविवार को नगर निकाय चुनाव में वार्ड नम्बर पाँच से चौथी बार पार्षद चुनकर आई बबली शर्मा की बबली कांग्रेस की तरफ से घोषित उम्मीदवार थी जो विजय हुई हैं। बबली शर्मा के लिए कांग्रेस में कहा जाता है। कि जहां कोई ना मिले मजबूत उम्मीदवार बबली लगाती है नैया पार गरीबी और तंगहाली से उभरने के लिए तथा अपने बच्चों की परवरिश के लिए बबली ने ज्वालामुखी बस स्टैंड पर चाय और पकौड़े की रेहड़ी लगाकर अपना संघर्ष शुरू किया और आज से 15 साल पहले उन्होंने नगर निकाय चुनावों में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया अपने पहले चुनाव में बबली पर विरोधियों ने तंज लगाए थे कि पकौड़े वाली राजनीति क्या जाने तमाम विरोधियों को पटखनी देते हुए तब बबली ने एक अधिवक्ता स्तर के उम्मीदवार को हराकर साबित किया था कि वह संगठन सी महिला औरों से अलग हैं बबली ने 5 साल बाद दोबारा हुए चुनाव में वार्ड बदलते हुए वार्ड नंबर 2 से एक बार फिर जीत हासिल करके ज्वालामुखी के बड़े मंदिरों को धूल चटाई थी यही नहीं इस चुनाव के बाद पगली शर्मा ज्वालामुखी नगर परिषद के अध्यक्ष पद की कुर्सी तक पहुंची थी निकाय के लिए तीसरे चुनाव में एक बार फिर पूर्व विधायक संजय रतन के निर्देश पर बाढ़ बदलते हुए नंबर 3 से विजय हुई थी रविवार को निकाय के लिए हुए चुनाव में जीत कर बबली शर्मा ने इतिहास रच दिया है। राइट न्यूज इंडिया और राइट फाऊंडेशन के पूरे परिवार की तरफ से हम इनके उजब्ल भविष्य की कामना करते हैं।

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