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आर्य या द्रविड़?, कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों के बीच की तनातनी

RIGHT NEWS INDIA: पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक ‘आर्यन’ संगठन है इसके जवाब में सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि पहले सिद्धारमैया बताएं कि वो आर्य हैं या द्रविड़?

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसावराज बोम्मई ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें सिद्धारमैया ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक ‘आर्यन’संगठन है और उसे सबसे पहले देश के सामने अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट करना चाहिए कि वो राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करते हैं या फिर भगवा ध्वज का।

इस मामले में सीएम बसवराज बोम्मई ने सिद्धारमैया पर सीधा हमला करते हुए कहा, “विपक्ष के नेता सिद्धारमैया को पहले यह घोषित करें कि वह द्रविड़ हैं या फिर आर्य।”

सिद्धारमैया ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि आरएसएस मूल भारतीयों का संगठन नहीं है और द्रविड़ इस देश के असली निवासी हैं। उन्हों कहा, “यह आरएसएस वाले क्या मूल भारतीय हैं? हम चुप हैं क्योंकि हम कुछ चीजें नहीं उठाना चाहते थे। क्या आर्य इस देश के हैं? क्या आरएसएस द्रविड़ लोगों का संगठन है, हमें जड़ों तक जाना चाहिए।”

वहीं संघ को आर्य से जोड़ने वाली टिप्पणी के बाद सिद्धारमैया ने मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से नहीं की जा सकती है।

जिस पर सीएम बोम्मई ने कहा, “हां, मैं मानता हूं और यह बात पूरी तरह से सच है कि पीएम मोदी की तुलना देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू के साथ नहीं की जा सकती है क्योंकि जब चीन ने भारत पर हमला किया था तो नेहरू उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में पूरी तरह से विफल रहे। जिसके कारण देश ने चीन के हाथों एक बड़ा हिस्सा खो दिया था। लेकिन आज के समय में जब चीन ने भारतीय सीमाओं के उल्लंघन की कोशिश की तो पीएम मोदी की मजबूती और सख्त फैसले से उसे पीछे हटना पड़ा है।”

बसवराज बोम्मई ने आगे कहा, “इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ भी समझौता नहीं किया और उसके साथ भी सख्ती से निपट रहे हैं। मोदी ने भारत की एकता और अखंडता को जिस तरह से मजबूत बनाया है, निश्चित रूप से उस कारण उनकी तुलना नेहरू से नहीं हो सकती है।”

मालूम हो कि बीते कुछ दिनों से कर्नाटक के सियासी बिसात पर पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बयान खासा बवाल मचा रहे हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही सिद्धारमैया ने कहा कि एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि वो विशुद्ध तौर पर हिंदू हैं लेकिन अगर उनकी इच्छा होती है तो वह बीफ भी ख सकते हैं और इसके लिए भारतीय संविधान उन्हें पूरी तरह से स्वतंत्रता देता है।

यही नहीं बीफ से के लिए कथिततौर पर मुसलमानों को निशाना बनाये जाने पर कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ हमला करते हुए सिद्धारमैया ने कहा था कि बीफ का प्रयोग खाने में केवल मुसलमान ही नहीं बल्कि हिंदू और क्रिश्चियन भी करते हैं, लेकिन उन पर तो कोई महला नहीं हो रहा है, उन्होंने कहा कि मुसलमानों के खिलाफ केवल उन्माद फैलाने के लिए यह सब किया जा रहा है।