UP TET Exam; टेट पेपर लीक होने से अभ्यर्थियों में भड़का गुस्सा, योगी सरकार पर उठाए सवाल

इसके मद्देनजर परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने दोनों पारियों की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया. अब एक महीने के भीतर दोबारा ये परीक्षा कराई जाएगी. अभ्यर्थियों को इसके लिए फीस दोबारा नहीं देनी पड़ेगी.

यह परीक्षा राज्‍य के सभी 75 जिलों के 2,736 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में होनी थी और इसमें लगभग 20 लाख परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे. पहली पाली में सुबह दस से साढ़े बारह बजे के बीच प्राथमिक स्तर और दूसरी पाली दोपहर ढ़ाई से पांच बजे के बीच उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा होनी थी.

जानकारी के मुताबिक सॉल्वर गैंग से जुड़े शामली निवासी मनीष उर्फ मोनू, रवि पुत्र विनोद, धर्मेंद्र पुत्र कुंवरपाल समेत कई लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. साथ कई अन्य जगह छापेमारी कर दर्जनों को हिरासत में लेकर एसटीएफ पूछताछ कर रही है. परीक्षा निरस्त होने पर रविवार को पूर्वांचल के सभी केंद्रों पर पहुंचे पहली पाली के अभ्यर्थी मायूस और गुस्से में नजर आए. बुलंदशहर से छात्रों के नारेबाजी का वीडियो भी सामने आया.

शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने और राज्य सरकार द्वारा इसे रद्दे किए जाने पर उत्तरप्रदेश की सियासत गरमा गई है. पेपर लीक होने के मामले को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी उठाया है. प्रियंका गांधी ने टवीट किया, “भर्तियों में भ्रष्टाचार, पेपर आउट ही भाजपा सरकार की पहचान बन चुका है. आज यूपी टेट का पेपर आउट होने की वजह से लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर गया. हर बार पेपर आउट होने पर @myogiadityanath जी की सरकार ने भ्रष्टाचार में शामिल बड़ी मछलियों को बचाया है, इसलिए भ्रष्टाचार चरम पर है.”

वहीं, उत्तरप्रदेश के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने बताया है कि मेरठ और प्रयागराज से 7 लोगों को पकड़ा गया है. इनके फोन से पेपर शेयर हो रहे थे. इसमे कुछ चिन्हित सॉल्वर गैंग के सदस्य हैं. पश्चिमी यूपी के कई जिलों में धरपकड़ चल रही है. पेपर कैंसिल कर दिया है.

टेट परीक्षा लीक होने की रोजगार के लिए देश भर में आवाज उठाने वाले संगठन ‘युवा हल्ला बोल’ ने कड़ी आलोचना की है ओर इसे सरकार का फेलियर बताया है. युवा हल्ला बोल के मुख्य प्रवक्ता रिषभ रंजन एशियाविल से बातचीत में कहते हैं, “ये पहली बार नहीं है, जब ऐसा हुआ है, जबसे योगी सरकार आई है, इससे पहले टीचर भर्ती, और अभी इससे पहले 2021 में प्राइमरी टीचर का एक्जाम भी लीक हुआ. एक तो पहले ही छात्रों को एक्जाम देने का मौका नहीं मिलता, साल-साल इंतजार करते हैं. और एक्जाम में बैठें तो ये होता है. अब इस सरकार को जवाबदेह तो होना ही पड़ेगा. युवा हल्ला बोल इसके लिए संघर्षरत है. और हम लोगों ने इन सारी चीजों को निबटाने के लिए 2018 में एक मॉडल एक्जाम कोड बनाया था. इसमें कहा था कि इसे लागू करो और 9 माह में नौकरी दो. इसका ड्राफ्ट हमने सरकार को भी दिया था लेकिन सरकार खुद तो कुछ करती नहीं. हमारा भविष्य खतरे में है. एक माह बाद फिर पेपर होगा, जो लोग दूर-दूर से गए हैं. सरकार का सीधा फेलियर है और बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा नुकसान है.”

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