शाह ने पूछा- क्या दीदी का भड़काऊ भाषण लोगों की मौत का जिम्मेदार नहीं

कूच बिहार में शनिवार को CISF की फायरिंग पर पश्चिम बंगाल में सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यहां उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ यह सरकार भी असमर्थ है। वे बंगाल पर कब्जा करने के इरादे से रोज यहां आ रहे हैं। ममता बोलीं, ‘पहले आप सुरक्षा बलों के जरिए लोगों की जान लेते हैं और बाद में उन्हें क्लीन चिट देते हैं। ये नरसंहार है। उन्होंने गोलियां बरसाईं। वो उनको पैर या शरीर के निचले हिस्से में गोली मार सकते थे, लेकिन सब गोलियां उन्हें गर्दन या छाती में लगीं।’

इस पर जवाब देते हुए बंगाल के शांतिपुर में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कूच बिहार की घटना का राजनीतिकरण किया जा रहा है, ये बहुत दुखद है। उसी सीतलकुची सीट पर ममता दीदी ने कुछ दिन पहले भाषण दिया था कि CAPF वाले आए तो उन्हें घेर लो, उन पर हमला करो। मैं ममता दीदी से पूछना चाहता हूं कि क्या आपका वो भाषण उन 4 लोगों की मौत का जिम्मेदार नहीं है? इसके लिए इस भाषण के ममता को बंगाल के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

दीदी तुष्टिकरण और वोट की राजनीति कर रहीं : शाह
उन्होंने कहा कि मैंने ममता दीदी के बयान देखे हैं, उसी बूथ पर सुबह आनंद बर्मन की गुंडों द्वारा हत्या कर दी गई ताकि वहां पर मतदान न हो। दीदी सिर्फ चार लोगों को श्रद्धांजलि देती हैं, उनको आनंद बर्मन की मौत की नहीं पड़ी है। मृत्य में भी तुष्टिकरण और वोट की राजनीति करना, ममता दीदी ने बंगाल की राजनीति को कितना नीचे​ गिराया है, ये इसका एक उदाहरण है।

ममता ने हिंसा को नरसंहार बताया
इससे पहले ममता ने भाजपा नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले आप सुरक्षा बलों के जरिए लोगों की जान लेते हैं और बाद में उन्हें क्लीन चिट देते हैं। ये नरसंहार है। उन्होंने गोलियां बरसाईं। वो उनको पैर या शरीर के निचले हिस्से में गोली मार सकते थे, लेकिन सब गोलियां उन्हें गर्दन या छाती में लगीं।

अब 3 दिन बाद कूच बिहार जाएंगी ममता
इससे पहले चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा कि चुनाव आयोग को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) का नाम बदलकर मोदी कोड ऑफ कंडक्ट रख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी पूरी ताकत लगा ले, लेकिन इस दुनिया में मुझे अपने लोगों का दर्द साझा करने से नहीं रोक सकती। ममता ने कहा कि मुझे कूच बिहार में 3 दिनों के लिए अपने भाइयों और बहनों से मिलने से रोक सकते हैं, लेकिन मैं चौथे दिन वहां पहुंचूंगी।

चुनाव आयोग ने 72 घंटे की रोक लगाई
बंगाल में चौथे चरण के लिए शनिवार को वोटिंग के दौरान कूच बिहार के सितालकुची में CISF की फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद इलाके में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए चुनाव आयोग ने क्षेत्र में नेताओं की एंट्री को 72 घंटे के लिए रोक दिया था। इसके अलावा पांचवें दौर के मतदान से 72 घंटे पहले ही चुनाव प्रचार बंद करने का आदेश भी आयोग ने जारी कर दिया था।

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