लेखपाल ने जिंदा विधवा को मृतक दिखा कर रोकी पेंशन; निलंबित

रामपुर के कोतवाली मिलक तहसील के मोहल्ला असद उल्लाहपुर निवासी पुनिया देवी जिलाधिकारी से मिली और उन्होंने कहा साहब मैं जिंदा हूं और विधवा हूं। लेकिन लेखपाल ने मुझे मृत दिखा दिया है। जिसकी वजह से मेरी पेंशन भी बंद हो गई है, मुझे मेरी पेंशन दिलवा दीजिए। विधवा पुनिया देवी ने जब जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को अपनी पीड़ा सुनाई तो वो भी यह देखकर हैरान रहे गए और उन्होंने तुरंत ही जांच के आदेश दिए और लेखपाल को निलंबित कर दिया।

इस मामले पर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि समाधान दिवस पर एक 75 साल की बुजुर्ग महिला ने मंगलवार को तहसील दिवस में उपस्थित होकर कहा था कि मैं जीवित हूं और मृत दर्शाकर मेरी विधवा पेंशन बंद कर दी गई है। जिसके बाद जिलाधिकारी ने इस मामले में सत्यापन करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।

जिलाधिकारी के आदेश के बाद बुधवार को जांच कराई गई कि बुजुर्ग महिला को किसने मृत घोषित किया था। जांच के बाद जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में मिलक में तैनात रहे लेखपाल राम प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है, जिनकी वर्तमान तैनाती टांडा में है। 

बता दें, लेखपाल ने बुजुर्ग महिला को 2019 में मृत घोषित किया था। जिसकी वजह से उनकी करीब डेढ़ साल तक पेंशन बंद रही। बुजुर्ग महिला जिलाधिकारी से मिलने से पहले कई अधिकारियों से मिली थी लेकिन उनकी कहीं कोई सुवनाई नहीं हुई थी।

मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चेतावनी जारी कर दी गई। महिला की पेंशन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जब से उनकी पेंशन बंद हुई है तब अबतक की सारी राशि उनके खाते में डाली जाएगी। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से बुजुर्ग महिला काफी खुश हैं।

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