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सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद अब CBI और ED खंगालेगी कोरोना काल की सभी फाइलें

नई दिल्ली. दिल्ली में नए एलजी विनय कुमार सक्सेना (LG Vinay Kumar Saxena) की नियुक्ति के बाद जांच एजेंसियों (Investigative Agency) के द्वारा भ्रष्टाचार (Corruption) पर एक्शन की शुरुआत हो गई है.

दिल्ली के कद्दावर मंत्रियों में से एक स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) को ईडी (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है. सत्येंद्र जैन को हवाला लेनदेन मामले में ईडी ने सोमवार शाम को गिरफ्तार किया था. हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) इसे राजनीतिक द्वेष वाली कार्रवाई करार दे रही है. वहीं, बीजेपी (BJP) ने कहा कि यह गिरफ्तारी बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी. सूत्रों की मानें तो ईडी के साथ-साथ सीबीआई भी अब हवाला के अलावा कोरोना काल के दौरान दिल्ली के अस्पतालों में की गईं नियुक्तियां और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर जैन से सवाल-जवाब कर सकती है. बता दें कि कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग खासकर दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल एलएनजेपी में कूव्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे.

कोरोना काल में दिल्ली की खराब स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुली थी. देश के गृह मंत्री अमित शाह को खुद दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल एलएनजेपी में जाना पड़ा था. उस समय बीजेपी ने इस अस्पताल की कूव्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ यहां के मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुरेश कुमार को भी घेरा था. उस समय बीजेपी केजरीवाल के ‘ईमानदार सरकार’ पर कई मोर्चे पर विफल रहने का मुद्दा उठाई थी.

सत्येंद्र जैन दिल्ली के कद्दावार मंत्री रहे हैं

आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में स्वास्थ्य मंत्री को गिरफ्तार किया है. ईडी के मुताबिक, जांच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे.

जैन की गिरफ्तारी हवाला से जुड़े एक मामले में हुई है

ईडी के मुताबिक, 4.81 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड, पर्यास इंफोसोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जेजे आइडियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड, वैभव जैन की पत्नी स्वाति जैन, अजीत प्रसाद जैन की पत्नी सुशीला जैन और सुनील जैन की पत्नी इंदु जैन से संबंधित थीं.

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने दर्ज कराई थी एफआईआर

जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी का मामला अगस्त 2017 में सीबीआई द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज एफईआआर से उपजा है. जैन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य, बिजली, गृह, पीडब्ल्यूडी, उद्योग, शहरी विकास, बाढ़, सिंचाई और पानी मंत्री हैं. ईडी ने सबसे पहले 2018 में जैन से पूछताछ की थी. तब प्रवर्तन निदेशालय ने एक बयान में कहा था कि उसने संपत्ति की कुर्की के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया है.

क्या कहा कपिल मिश्रा ने

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहते हैं, ‘आज सत्येंद्र जैन पकड़ा गया है, कल केजरीवाल भी पकड़ा जाएगा. सत्येंद्र जैन के खिलाफ ईडी में मैंने ही 2017 में केस दर्ज करवाया था. सत्येंद्र जैन केवल कठपुतली है, केजरीवाल ने बार बार जैन को क्लीन चिट दी. केजरीवाल को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. एक दिन केजरीवाल भी जेल जाएगा. पांच साल पहले सबसे पहले मैंने ही सत्ता कुर्सी सब दांव पर लगाकर सत्येंद्र जैन के करप्शन को सर्वजनिक किया था. केजरीवाल ने सब जानते हुए भी सत्येंद्र जैन को क्लीन चिट दी. आज सच सबके सामने है.’

कुलमिलाकर ईडी ने भले ही सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कानून के मुताबिक 24 घंटे के भीतर जैन को स्पेशल कोर्ट के सामने पेश करना होगा. पेशी के दौरान ईडी को स्पष्ट बताना पड़ेगा कि आखिर किस आधार पर जैन की गिरफ्तारी की गई है और क्या उनसे हिरासत में पूछताछ की जानी चाहिए या नहीं.