मरती इंसानियत; गाजीपुर में गंगा से मिले 123 शवों को दफनाया, हर ओर पुलिस बल तैनात

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गंगा में लाशें मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। सोमवार को गंगा में मिली लाशों को प्रशासन ने दफन करा दिया है। साथ ही कुछ का अंतिम संस्कार कराया है। बिहार से आने वाले शवों पर जिला प्रशासन ने रोक लगाने के साथ सीमाओं पर पुलिस टीम तैनात कर दी है। बुधवार गंगा किनारे घाटों पर कहीं शव नहीं दिखाई पड़े। वहीं अंतिम संस्कार को लेकर जिले के कई इलाकों से पहुंचने वाले शवों को जलाया जा रहा है। इधर मंगलवार की देर रात धरम्मरपुर गंगा घाट के किनारे मिले 123 शवों को दफना दिया गया। ऐसे में अब लोगों ने राहत महसूस की है। 10 मई को गहमर थाना क्षेत्रों के प्रमुख गंगा घाटों पर शव मिले थे।

इन शवों को अभी स्थानीय प्रशासन टीम दफना ही रही थी। इसी दौरान करंडा थाना के धरम्मरपुर गंगा घाट पर शव मिलने की सूचना पर प्रशासन 11 मई को पूरे दिन दफनाने में जुटी रही।

साथ ही सेवराई, जमानिया और सदर एसडीएम ने घाटों का निरीक्षण किया और आसपास इलाकों में स्थिति का जायजा लेते रहे। इधर बिहार से अंतिम संस्कार को जिले में आने वाले शवों पर रोक लगाए जाने से अब गंगा के किनारे शव नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में तटवर्ती इलाके के लोगों ने राहत महसूस की है।

इसके अलावा जिला प्रशासन के निर्देश पर शवों के जल प्रवाह पर सख्ती से रोक लगाने के साथ गंगा किनारे श्मशानघाटों की वीडियो ग्राफी भी कराई जा रही है। साथ ही पुलिस टीम भी तैनात की गई है, जिससे किसी निर्देशों का पालन कराया जा सके।

डीएम एमपी सिंह ने बताया कि बिहार से अंतिम संस्कार को आने वाले शवों पर रोक लगा दी गई है। जनपद के गंगा घाटों पर कहीं भी शव नहीं दिखाई दे रहे हैं।

गाजीपुर में पोकलेन और जेसीबी से दफनाए शव
गंगा में पानी का प्रवाह कम होने से गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के धरम्मरपुर घाट के किनारे मंगलवार को कई शव दिखाई पड़े। सूचना पर एसपी सिटी और सदर एसडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर शवों को दफनाने का निर्देश दिया। शवों की संख्या अधिक होने पर पोकलेन एवं जेसीबी का सहारा लिया गया। एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की गई थी। करीब दो दर्जन से अधिक लेखपाल इस कार्य में जुटे थे।

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