मन की बात; जानिए 79वें मन की बात संबोधन में कौन सी 10 बड़ी बातें कही प्रधानमंत्री ने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 79वें भाग के तहत देशवासियों को किया संबोधित पीएम मोदी ने इस दौरान ओलंपिक खेलों का जिक्र करते हुए देशवासियों से भारतीय खिलाड़ियों को चीयर करने को कहा पीएम मोदी ने कारगिल विजय दिवस और करीब आ रहे स्वतंत्रता दिवस का भी जिक्र किया

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ कार्यक्रम में रविवार को देशवासियों से ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के लिए चीयर करने और उनका उत्साह बढ़ाने को कहा।

साथ ही पीएम मोदी ने 26 जुलाई के कारगिल विजय दिवस का जिक्र किया।

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस का भी जिक्र किया और कहा कि भारत आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने साथ ही देशवासियों से आह्वान किया कि जिस प्रकार देश की आजादी के लिए सभी लोग एकजुट हो गए थे उसी प्रकार सभी को देश के विकास के लिए एकजुट होना है।

मन की बात में पीएम नरेंद्र मोदी की बड़ी बातें

1. दो दिन पहले की अद्भुत तस्वीरें, यादगार पल, अब भी मेरी आंखों के सामने हैं। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों को तिरंगा लेकर चलता देखकर मैं ही नहीं, पूरा देश ही रोमांचित हो उठा। पूरे देश ने जैसे अपने इन योद्धाओं से कहा- विजयी भवः, विजयी भवः

2. जब ये खिलाड़ी भारत से गए थे, तो मुझे भी इनसे गप-शप करने का, उनके बारे में जानने का और देश को बताने का अवसर मिला था। ये खिलाड़ी जीवन की अनेक चुनौतियों को पार करके यहां पहुंचे हैं।

3. जो देश के लिए तिरंगा उठाता है, उसके सम्मान में, भावनाओं से भर जाना स्वाभाविक ही है। कल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस भी है। कारगिल का युद्ध भारत की शौर्य और संयम का ऐसा प्रतीक है, जिसे पूरी दुनिया ने देखा है।

4. इस बार 15 अगस्त को देश अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। ये हमारा बहुत बड़ा सौभाग्य है कि जिस आजादी के लिए देश ने सदियों का इंतजार किया, उसके 75 वर्ष होने के हम साक्षी बन रहे हैं।

5. आजादी के 75 साल मनाने के लिए 12 मार्च को बापू के साबरमती आश्रम से ‘अमृत महोत्सव’ की शुरुआत हुई थी। कितने ही स्वाधीनता सेनानी और महापुरुष हैं, जिन्हें अमृत महोत्सव में देश याद कर रहा है। सरकार और सामाजिक संगठनों की तरफ से भी लगातार इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

6. ‘अमृत महोत्सव’ किसी सरकार का, किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है। यह कोटि-कोटि भारतवासियों का कार्यक्रम है।

7. रोज के काम करते हुए भी हम राष्ट्र निर्माण कर सकते हैं, जैसे- वोकल फॉर लोकल। हमारे देश के स्थानीय उद्यमियों, कलाकारों, शिल्पकारों, बुनकरों को समर्थन देना, हमारे सहज स्वभाव में होना चाहिए।

8. देश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में, हैंडलूम कमाई का बहुत बड़ा साधन है। ये ऐसा क्षेत्र है जिससे लाखों महिलाएं, लाखों बुनकर, लाखों शिल्पी जुड़े हुए हैं। आपके छोटे-छोटे प्रयास बुनकरों में एक नई उम्मीद जगाएंगे।

9. साल 2014 के बाद से ही मन की बात में हम अक्सर खादी की बात करते हैं। ये आपका ही प्रयास है कि आज देश में खादी की बिक्री कई गुना बढ़ गई है।

10. कुछ दिन पहले MyGov की ओर से मन की बात के श्रोताओं को लेकर एक सर्वे किया गया। सर्वे में ये सामने आया कि संदेश और सुझाव भेजने वालों में से करीब 75% लोग 35 वर्ष से कम आयु के होते हैं। आप लोगों से मिले सुझाव ही मन की बात की असली ताकत है। आपके सुझाव ही मन की बात के माध्यम से भारत की विविधता को प्रकट करते हैं।

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