मंत्री महेंद्र सिंह और मुख्य सचिव भिड़े, स्टेट डिजास्टर रिलीफ फण्ड के मुद्दे पर हुई तीखी बहस

कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने ही राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और मुख्य सचिव अनिल खाची में तीखी बहस होने लगी। एसडीआरएफ बजट आवंटन और अन्य मुद्दों पर उन्हें पूछे बगैर बैठकें कर फैसले लेने और उनकी मर्जी से फंड जारी नहीं होने पर राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह तल्ख हो गए। इस पर मुख्य सचिव ने सभी क्षेत्रों का ध्यान रखते हुए बजट आवंटन करने की बात जोरदार ढंग से रखी। उन्होंने अपना काम पारदर्शिता से करने की बातें दोहराईं। पर मंत्री शांत नहीं हुए तो मामला तीखी बहस तक पहुंच गया। मंत्री का पारा गरम होने पर मुख्य सचिव ने भी सख्त लहजे में अपने तर्क पेश किए। फिर सीएम जयराम ठाकुर को हस्तक्षेप कर उन्हें शांत करना पड़ा।

इस सारे घटनाक्रम के बीच पहले तो पूरी कैबिनेट खामोश रही। सूत्रों के अनुसार मंत्री के गुस्साने पर मुख्य सचिव बार-बार वस्तुस्थिति स्पष्ट करते रहे। कैबिनेट उनके मिजाज से परिचित होने पर चुपचाप सब देखती रही। यह उल्लेखनीय है कि राज्य मंत्रिमंडल की कई अन्य बैठकों में भी राजस्व मंत्री कई बार शीर्ष अधिकारियों पर ऐसे ही गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक पिछली बार भी वह अपने क्षेत्र से संबंधित राजस्व विभाग के एक मामले को मनवाने में कामयाब नहीं हुए तो इससे संबंधित सचिव पर गुस्सा गए थे।

अब वह सचिव बदल गए हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव ने मंत्री के गुस्साने पर यह बात भी दो टूक स्पष्ट की कि अफसरशाही किस तरह से नियमों और कायदों में रहकर काम करती है। इस पर विभाग उनके पास होने पर भी मंत्री खुद को अनदेखा जाहिर कर गुस्से में आ गए। मंगलवार को दोनों में हुई इस बहस के मामले की पूरे दिन सचिवालय में चर्चा रही। वहीं, मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और मुख्य सचिव अनिल खाची से इस संबंध में पूरी जानकारी के लिए संपर्क किया तो दोनों ने ही टिप्पणी से इंकार किया।

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