भारत में फैला कोरोना वायरस दुनिया में फैले कोरोना वायरस के मुकाबले 10 गुणा अधिक तेजी के साथ फैलता है और यह उसके मुकाबले कहीं ज्यादा खतरनाक है। सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मोलेक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट N-440K का पता लगाया है। यह B1.617 और B1.618 के बाद का आया नया वेरिएंट है। सबसे पहले इसका पता आंध्र प्रदेश के कुरनूल में चला। विशाखापट्टनम और राज्य के अन्य हिस्से में लोगों के बीच जो खौफ पैदा हुआ था उसकी वजह ये वेरिएंट हो सकता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोना का N440K वेरिएंट मुख्यतौर पर दक्षिणी राज्यों जैसे- तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के साथ ही महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के हिस्सों में पाया गया है।

सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने अध्ययन के दौरान यह पाया- “कोरोना के N440k वेरिएंट में A2a प्रोटोटाइप स्ट्रेन के मुकाबले 10 गुणा अधिक वायरस फैलाने की क्षमता है। कोरोना का A2a प्रोटोटाइप स्ट्रेन दुनियाभर में फैला हुआ है। ऐसे में अन्य वायरस की तुलना में कोरोना के N440k वेरिएंट कम समय में कई गुणा अधिक वायरस पैदा करने की क्षमता रखता है।”

CCMB के डायरेक्टर डॉक्टर राकेश मिश्रा ने बताया कि कोरोना के बदले हुए स्वरूप N440K वेरिएंट में काफी कम समय में कई गुणा ज्यादा मात्रा में वायरस को फैलाने की क्षमता है।

सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने यह बताया कि कई केन्द्रों से उन्होंने से सैंपल इकट्ठा किया है उनमें से 50 फीसदी में कोरोना का N440k वेरिएंट पाया गया है। इसमें यह भी पता चला कि यह वायरस आबादी के एक खास हिस्से में फैल रहा है और अन्य वेरिएंट्स के मुकाबले कहीं यह ज्यादा स्थानीय है।

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