New Delhi News: दुनिया में ऊर्जा संकट के बीच भारत की लॉटरी लग गई है. अबू धाबी के तपते रेगिस्तान में भारतीय कंपनियों ने कच्चा तेल (Crude Oil) का विशाल भंडार खोज निकाला है. यह खोज देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में ‘गेम चेंजर’ साबित होगी. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस सफलता को भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है. इस नए भंडार के मिलने से वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति और ज्यादा मजबूत हो गई है.
भारतीय कंपनियों का बड़ा धमाका
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की संयुक्त कंपनी ‘ऊर्जा भारत’ ने यह कमाल किया है. कंपनी को अबू धाबी के ऑनशोर ब्लॉक-1 में दो बड़े कुओं से कच्चा तेल निकालने में बड़ी सफलता मिली है. इसकी आधिकारिक घोषणा 14 जनवरी 2026 को की गई. खास बात यह है कि इस ब्लॉक में 100 फीसदी अधिकार भारतीय कंपनी ‘ऊर्जा भारत’ के पास हैं. यह रणनीतिक रूप से भारत के लिए एक बहुत बड़ी जीत मानी जा रही है.
करोड़ों का निवेश और लंबी मेहनत
इस मिशन की कहानी साल 2019 में शुरू हुई थी. तब भारतीय ज्वाइंट वेंचर को एक्सप्लोरेशन के लिए यह ब्लॉक सौंपा गया था. यह पूरा इलाका करीब 6,162 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. इस प्रोजेक्ट पर अब तक लगभग 166 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया जा चुका है. साल 2024 की शुरुआत में टीम को पहली बड़ी कामयाबी मिली थी, जब हाइड्रोफ्रैकिंग के बाद सतह पर कच्चा तेल बहने लगा था.
इंजीनियरों ने ऐसे रचा इतिहास
भारतीय इंजीनियरों की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार कोशिशें जारी रखीं. उन्होंने XN-79 02S नामक दूसरे कुएं में टेस्टिंग की. यहां हबशन रिजर्वॉयर से भी अच्छी मात्रा में हल्का कच्चा तेल निकला. यह इस रिजर्वॉयर में पहली खोज है, जो कंपनी के लिए गर्व की बात है. यह सफलता भारतीय वैज्ञानिकों की तकनीकी ताकत और सटीक रणनीति का परिणाम है. अब कंपनी इस ब्लॉक में उत्पादन शुरू करने की संभावनाओं को तेजी से तलाश रही है.
