New Delhi News: भारत ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में हमारा देश अब पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर आ गया है। यह खबर हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। अब भारत में बिकने वाले 99 फीसदी मोबाइल फोन यहीं बनाए जा रहे हैं। चीन के बाद अब भारत ने यह बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। सरकार की नीतियों और मेहनत का असर अब साफ दिखाई दे रहा है।
निर्यात ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, साल 2025 इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए सुनहरा रहा। देश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इसमें मोबाइल फोन के निर्यात ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। भारत ने करीब 30 अरब डॉलर यानी 2.5 लाख करोड़ रुपये के स्मार्टफोन दूसरे देशों को बेचे हैं। यह आंकड़ा पिछले पांच सालों के कुल निर्यात का 38 फीसदी है। यह साफ बताता है कि भारतीय मोबाइल बाजार कितनी तेजी से बढ़ रहा है।
एप्पल ने बदल दी भारत की तस्वीर
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल का सबसे बड़ा हाथ है। भारत से निर्यात होने वाले कुल मोबाइल में 75 फीसदी हिस्सेदारी अकेले एप्पल की है। कंपनी ने भारत से 22 अरब डॉलर से ज्यादा के आईफोन विदेश भेजे हैं। फिलहाल देश में आईफोन बनाने वाली पांच बड़ी यूनिट काम कर रही हैं। इनमें टाटा ग्रुप और फॉक्सकॉन जैसी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही हैं।
सरकार की इस स्कीम ने किया कमाल
भारत को इस ऊंचाई तक पहुंचाने में प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का बड़ा योगदान है। सरकार की इस योजना ने कंपनियों को भारत में मोबाइल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी का नतीजा है कि 2024-25 में भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले समय में भारत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में और भी बड़ी छलांग लगाएगा।
