New Delhi News: आज का दिन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी स्वर्ण युग की शुरुआत से कम नहीं है। 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय निर्यातकों के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह खोल दिए हैं। आज से ऑस्ट्रेलिया जाने वाले सभी भारतीय सामानों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) शून्य हो गया है। यह बिजनेस न्यूज (Business News) देश के हर छोटे-बड़े व्यापारी के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार का यह कदम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगा।
अब ऑस्ट्रेलिया में सस्ता बिकेगा ‘मेड इन इंडिया’
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत अब भारतीय निर्यात की 100% टैरिफ लाइनों पर जीरो ड्यूटी लगेगी। इसका सीधा मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में भारतीय उत्पाद अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी दामों पर उपलब्ध होंगे। इस बिजनेस न्यूज का सबसे बड़ा फायदा कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों को मिलेगा। इन लेबर-इंटेंसिव सेक्टर में काम करने वाले एमएसएमई (MSME) अब सीधे तौर पर वैश्विक बाजार में टक्कर ले सकेंगे। टैक्स हटने से उनका मुनाफा और मार्जिन दोनों बढ़ने वाला है।
निर्यात में रिकॉर्ड तोड़ उछाल की तैयारी
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) अब और भी गहरा हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, यह समझौता सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही ऑस्ट्रेलिया को होने वाले भारतीय निर्यात में 8 फीसदी की शानदार बढ़त दर्ज की गई थी। अब ड्यूटी खत्म होने के बाद विनिर्माण, रसायन और फार्मास्युटिकल्स जैसे क्षेत्रों में निर्यात की रफ़्तार और तेज होगी। यह बिजनेस न्यूज सप्लाई चेन को भी मजबूत बनाने का काम करेगी।
किसानों और ऑर्गेनिक बाजार के लिए सुनहरे मौके
इस समझौते ने भारतीय किसानों के लिए भी खजाने का मुंह खोल दिया है। दोनों देशों के बीच ऑर्गेनिक उत्पादों को लेकर आपसी सहमति बनी है। इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों की लागत में भारी कमी आएगी। कॉफी, मसाले और समुद्री उत्पादों की मांग ऑस्ट्रेलिया में पहले ही बढ़ रही है। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच जेम्स एंड ज्वैलरी के निर्यात में 16 फीसदी का उछाल देखा गया था। अब यह आंकड़ा और ऊपर जाएगा।
इंडो-पैसिफिक में भारत का बढ़ता दबदबा
यह जीरो-ड्यूटी एक्सेस भविष्य के व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) की नींव रखेगा। ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देश के साथ यह साझेदारी ‘मेक इन इंडिया’ को ग्लोबल ब्रांड बना रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिजनेस न्यूज इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत करेगी। निवेश बढ़ने के साथ-साथ अब दोनों देशों के रिश्ते और भी प्रगाढ़ होंगे।
