Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने से सेब उत्पादक काफी डरे हुए हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर मौसम ऐसा ही रहा तो सेब की पैदावार और क्वालिटी दोनों खराब हो सकती है। राज्य के कई इलाकों में अब तक सामान्य से बहुत कम बर्फबारी हुई है। यह सेब की फसल के लिए बिल्कुल भी अच्छा संकेत नहीं है।
बर्फ न गिरने से बिगड़ा गणित
बागवानी विशेषज्ञों के मुताबिक सेब के पेड़ों को सर्दियों में अच्छी ठंड की जरूरत होती है। इसे ‘चिलिंग आवर्स’ कहते हैं जो बर्फबारी से पूरे होते हैं। लेकिन इस बार मौसम ने साथ नहीं दिया है। बर्फ न गिरने से पेड़ों की नेचुरल ग्रोथ रुक सकती है। इससे पेड़ों पर फूल कम लगेंगे और फल का साइज भी छोटा रह सकता है। ठंड कम होने से बागीचों में हानिकारक कीड़े और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
अगले हफ्ते कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। शनिवार (10 जनवरी 2026) को जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले एक हफ्ते तक मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा। विभाग ने बताया है कि अगले चार-पांच दिनों में रात का तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। यह बढ़ता तापमान सेब की फसल के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
किसानों ने सरकार से लगाई गुहार
किसानों का कहना है कि अगर जनवरी और फरवरी में भी मौसम मेहरबान नहीं हुआ तो भारी नुकसान तय है। किसान पहले ही सिंचाई के लिए पानी की कमी से जूझ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का यह बदलता पैटर्न खेती पर भारी पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने सरकार से अपील की है कि वह इस संकट को देखते हुए किसानों को वैज्ञानिक सलाह और आर्थिक मदद दे।

