Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जमकर सियासी हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी बहस हुई। सीएम सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर 1000 करोड़ रुपये बर्बाद करने और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का बड़ा आरोप लगाया। इस पर जयराम ठाकुर ने भी करारा पलटवार किया और मुख्यमंत्री को उन भवनों पर बुलडोजर चलवाने की खुली चुनौती दे डाली।
ठेकेदार मित्रों पर लुटा दिए 1000 करोड़ रुपए
विधानसभा में सत्ता पक्ष के विधायक सुरेश कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने जयराम ठाकुर पर सीधा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सोच हमेशा प्रदेश के हित में रहती है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष की सोच सिर्फ अपने ठेकेदार मित्रों तक सीमित थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने केवल सपने देखे और ठेकेदारों को खुश करने के लिए 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा के भवन बना दिए। आज इन भवनों का कोई सरकारी उपयोग नहीं हो पा रहा है। धर्मपुर में भी इनके खास मित्रों को भारी फायदा पहुंचाया गया।
50 करोड़ की आईटीआई में पढ़ते हैं सिर्फ 32 छात्र
सीएम सुक्खू ने पूर्व सरकार के अधूरे प्रोजेक्ट्स की लंबी लिस्ट सदन के सामने रखी। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘शिवधाम’ का असली निर्माण मौजूदा सरकार कर रही है। पिछली सरकार ने सिर्फ इसकी नींव रखी थी। छतरी इलाके में 50 करोड़ रुपए खर्च करके एक आईटीआई बनाई गई। हैरानी की बात है कि वहां सिर्फ 32 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। वाकनाघाट में आईटी भवन पर 100 करोड़ रुपए खर्च हुए, लेकिन वह आज भी अधूरा है। सरकार को आरडीजी और जीएसटी का पैसा नहीं मिला है। फिर भी चंबा और अन्य मेडिकल कॉलेजों को सरकार पूरा फंड दे रही है।
बुलडोजर चलवाने की दी सीधी चुनौती
मुख्यमंत्री के इन कड़े आरोपों पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने सीएम को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर 1000 करोड़ के भवन गलत बने हैं, तो सरकार उन पर बुलडोजर चलवा दे। हमारी भाजपा सरकार ने जनता की भावनाओं के अनुसार ही काम किया था। जयराम ठाकुर ने 12 विश्राम गृह बनाने के आरोप को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विश्राम गृह नहीं, बल्कि जल जीवन मिशन के तहत बनी इंस्पेक्शन हट हैं। ठाकुर ने कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ हमारी सरकार के कामों का फीता काट रही है। तीन साल बीतने के बाद भी सरकार को सिर्फ हमें कोसने की आदत है, जिसे अब फौरन बदलना होगा।


