कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम ने अपने कर्मचारियों के लिए कोरोना संकट के बीच खास ऐलान किया है. ESIC ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनकी जीविका को देखते हुए कहा है कि ESIC और इससे संबंधिति अस्‍पतालों में कर्मचारियों और उनके परिजनों का मुफ्त इलाज, कोरोना संक्रमण के चलते काम पर नहीं जाने की स्थिति में आंशिक वेतन और अन्‍य कारणों से नौकरी छूट जाने पर बेरोजगारी भत्‍ता जैसे सुविधाएं दी जाएंगी. पिछले साल ही कोरोना की पहली लहर के दौरान बड़ी संख्‍या में कर्मचारियों को नुकसान हुआ था. यही कारण है कि ईएसआईसी ने ये खास ऐलान किया है.

ESIC ने कहा है कि उसके लाभ के दायरे में आने वाले किसी भी कर्मचारी या उसके परिजन कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे तो ESIC या इससे संबंधित अस्‍पतालों में उनका मुफ्त इलाज किया जाएगा.

वहीं, अगर कोई कर्मचारी खुद या परिजनो के कोरोना संक्रमण का इलाज किसी निजी अस्‍पताल में कराते हैं तो वो खर्च की भरपाई का दावा कर सकते हैं.

ESIC के पास कितने कोरोना बेड की व्‍यवस्‍था

कर्मचारी राज्‍य बीमा स्‍कीम कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए एक तरह का सोशल सिक्‍योरिटी स्‍कीम है. इसके तहत संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को विकलांगता, प्रग्‍नेंसी या मृत्‍यु आदि में मदद मिल सकती है.

बता दें कि कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम देशभर में 21 अस्‍पताल चला रहा है, जिनमें 3,686 कोरोना बेड उपलब्‍ध हैं. इन अस्‍प्‍तालों में 229 आईसीयू बेड और 163 बेंटिलेटर बेड का इंतजाम है.

तीन महीनों तक बेरोजगार रहने पर भी मिलेगा वेतन

ESIC ने यह भी कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से अगर किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है तो दाह संस्‍कार के लिए उनके परिवार को 15,000 रुपये जारी किए जाएंगे. इसके अलावा कोई कर्मचारी कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से काम नहीं कर पाता है, तब भी उन्‍हें इस अवधि के दौरान वेतन मिलता रहेगा.

अगर इलाज के दौरान कर्मचारी 91 दिनों तक काम से गैर-हाजिर रहता है तो बीमारी हित लाभ के तहत वेतन का दावा कर सकता है. इस दौरान कर्मचारी को प्रतिदिन 70 फीसदी वेतन के हिसाब से पेमेंट मिलेगा.

बेरोजगारी भत्‍ते की भीव्‍यवस्‍था

अगर कोई कर्मचारी ESIC के दायरे में आता है और उसका संस्‍थान बंद हो जाता या उनकी छंटनी हो जाती है तो उन्‍हें 2 साल तक राजीव गांधी श्रमिक कल्‍याण योजना के तहत लाभ बेरोजगारी भत्‍ते का लाभ मिलेगा.

वहीं, अगर किसी अन्‍य कारण से कर्मचारी बेरोजगार हो जाता है तो उन्‍हें अटल बीमित व्‍यक्ति कल्‍याण योजना के तहत 90 दिनों तक आर्थिक मदद दी जाएगी.

इस दौरान संबंधित कर्मचारी को प्रतिदिन 50 फीसदी की दर से यह मदद मिले

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