Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ (Children of the State) के चेहरे खुशी से दमक रहे हैं। 10 दिनों का यादगार सफर पूरा करके 52 बच्चे गुरुवार देर शाम शिमला वापस लौटे। ये बच्चे राज्य के सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा के बाल देखभाल संस्थानों (Child Care Institutions) से हैं। बच्चों ने भावुक होते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू न होते, तो उनके सपने कभी सच नहीं होते। शिमला लौटने पर डीसी अनुपम कश्यप और एसपी संजीव कुमार गांधी ने इनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
हवाई जहाज, मेट्रो और वंदे भारत का लिया मजा
यह विशेष शैक्षणिक टूर 6 जनवरी से 15 जनवरी, 2026 तक चला। इस दौरान बच्चों ने चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा की सैर की। यात्रा के दौरान बच्चों ने वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो ट्रेन, हवाई जहाज और पानी के जहाज (क्रूज) की सवारी का अनुभव लिया।
बच्चों ने इन जगहों का किया भ्रमण:
- दिल्ली: लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, वीर भूमि, और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय।
- आगरा: दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल का दीदार।
- गोवा: कलंगुट बीच, फोर्ट अगुआड़ा, अंजुना बीच, डोना पाउला और मंगेशी मंदिर।
‘किताबों में पढ़ी डॉल्फिन को सामने देखा’
शिमला लौटने पर उपायुक्त ने बच्चों के लिए रात्रि भोज (Dinner) का आयोजन किया। यहां बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए। राहुल ने बताया कि नाव में सफर के दौरान उसने डॉल्फिन देखी। उसने कहा, “मैंने सिर्फ किताबों में डॉल्फिन के बारे में पढ़ा था, आज अपनी आंखों से देख लिया।” पारस नेगी ने कहा कि उसने हमेशा हवाई जहाज में बैठने का सपना देखा था, जिसे सरकार ने सच कर दिया। वहीं, निखिल ने बताया कि उड़ान भरते समय पहले डर लगा, लेकिन बाद में आसमान की ऊंचाइयों को महसूस करके मजा आया।
केक काटकर मनाया रितिका का जन्मदिन
सफर के आखिरी दिन 15 जनवरी को रितिका का जन्मदिन था। सभी बच्चों ने मिलकर केक काटा और जश्न मनाया। रितिका ने कहा कि पिछले दस दिनों में उन्होंने बहुत सी चीजें पहली बार देखीं। जानवी गुप्ता ने कहा कि गोवा का नाम सिर्फ फिल्मों में सुना था, लेकिन वहां जाकर बहुत अच्छा लगा। बच्चों ने एक सुर में कहा कि यह सब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की वजह से मुमकिन हुआ है।
सरकार ने गोद लिए हैं 4000 बच्चे
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना’ के तहत सरकार बच्चों को सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सुनहरे भविष्य के अवसर भी दे रही है। प्रदेश सरकार ने 28 फरवरी 2023 से करीब 4000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है। सरकार इन बच्चों को पढ़ाई, जेब खर्च, घर, करियर काउंसलिंग और साल में एक बार घूमने की सुविधा देती है। बड़े होने पर अपना बिजनेस शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये की मदद भी दी जाती है।
