Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में ‘अफसरशाही’ को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की बाहरी आईएएस और आईपीएस अफसरों पर की गई टिप्पणी से सियासी भूचाल आ गया है। अब शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बाहरी और स्थानीय दोनों अफसरों का योगदान है। वहीं, दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आखिरकार इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
‘अफसरशाही शासक बनने की कोशिश न करे’
इस पूरे विवाद के बीच विक्रमादित्य सिंह अपने बयान पर अडिग हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि अफसरशाही शासक बनने का प्रयास न करे। अगर ऐसा हुआ तो वह जनता के हित में सवाल जरूर उठाएंगे। सुरक्षा वापस लेने की चर्चाओं पर उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा, “मुझे पुलिस सिक्योरिटी की जरूरत नहीं है। मैं सुरक्षा के बिना भी रह सकता हूं। प्रदेश की जनता का समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी सुरक्षा है।” उन्होंने साफ किया कि वह टकराव की राजनीति नहीं चाहते, लेकिन हिमाचल के हितों से समझौता नहीं करेंगे।
शिक्षा मंत्री बोले- सीएम दूर करें संशय
शुक्रवार को शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि हम किसी एक बयान को सामान्य नहीं मान सकते। प्रदेश के निर्माण में बाहर से आए अधिकारियों का भी बहुमूल्य योगदान रहा है। नकारात्मक सोच के लोग स्थानीय स्तर पर भी मिल सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे लोक निर्माण मंत्री के मन में चल रहे संशय को दूर करें और स्थिति स्पष्ट करें।
सीएम सुक्खू ने किया डैमेज कंट्रोल
दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंत्री और अफसरों के बीच चल रहे विवाद को खारिज किया। उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार में कोई विवाद नहीं है। कई बार ऐसी बातें हो जाती हैं, लेकिन इन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में सभी अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं।
धर्माणी की नसीहत- बाहर काम कर रहे हिमाचली फंसेंगे
इससे पहले तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विक्रमादित्य सिंह को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह बयान गैर-जरूरी और नुकसानदेह है। ऑल इंडिया सर्विसेज के तहत अधिकारियों की नियुक्ति केंद्र सरकार करती है। धर्माणी ने चेतावनी दी कि अगर हम बाहरी अफसरों पर सवाल उठाएंगे, तो दूसरे राज्यों में तैनात हिमाचल के अफसरों को मुश्किल हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दिक्कत थी तो बात कैबिनेट में होनी चाहिए थी, मीडिया में नहीं।
