Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी (HRTC) के घाटे वाले रूटों को चलाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। निजी ऑपरेटर नुकसान के डर से इन रूटों पर बसें चलाने से कतरा रहे थे। अब सरकार ने उन्हें लुभाने के लिए बस खरीद पर 30 फीसदी सब्सिडी देने का ऐलान किया है। सरकार अब 390 रूटों को निजी ऑपरेटरों को सौंपने जा रही है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
बस खरीदने पर मिलेगी भारी छूट
सरकार ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब निजी ऑपरेटरों को 18, 32 और 42 सीटर बसें खरीदने पर 30 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। यह लाभ ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना’ के तीसरे चरण के तहत दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि अनुदान मिलने के बाद ऑपरेटर इन रूटों को लेने में दिलचस्पी दिखाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की कमी दूर होगी।
19 जनवरी से शुरू होंगे आवेदन
परिवहन विभाग ने इन रूटों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इच्छुक ऑपरेटर 19 जनवरी से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 8 फरवरी तय की गई है। विभाग को उम्मीद है कि इस नई स्कीम से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा और जनता को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
पहले क्यों फेल हो गई थी योजना?
परिवहन विभाग ने दो साल पहले भी घाटे के रूट निजी हाथों में देने का फैसला किया था। करीब 250 रूटों की सूची बनाई गई थी। विभाग ने 52 रूट आवंटित भी किए, लेकिन बसों का संचालन केवल 27 रूटों पर ही हो सका। पिछले साल 181 रूट आवंटित किए गए थे। इनमें से 40 ऑपरेटरों ने तो रूट लेने के बाद बस चलाने से ही मना कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि घाटा बहुत ज्यादा है।
किसे मिलेगा रूट?
परिवहन विभाग इन रूटों का आवंटन ‘ड्रा ऑफ लॉट्स’ (लॉटरी सिस्टम) के जरिए करेगा। इसके लिए एक खास शर्त भी रखी गई है। अगर किसी एक रूट पर अलग-अलग सीटिंग क्षमता वाले तीन आवेदन आते हैं, तो बड़ी बस को प्राथमिकता मिलेगी। यानी 42 सीटर बस वाले आवेदक को वह रूट दिया जाएगा। अगर कोई ऑपरेटर रूट लेने के बाद 6 महीने तक बस नहीं चलाता है, तो उसका परमिट अपने आप रद्द हो जाएगा।
क्या बोले डिप्टी सीएम?
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने माना कि घाटे के रूटों पर केवल एचआरटीसी ही बसें चला पा रही थी। उन्होंने कहा कि निजी बसें बहुत कम रूटों पर चली हैं। इसी वजह से सरकार ने नीति में बदलाव किया है। अब 30 फीसदी सब्सिडी के साथ निजी ऑपरेटरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। एचआरटीसी ने विभाग को 422 रूटों की सूची दी थी, जिसमें से छंटनी के बाद 390 रूट सही पाए गए हैं।
