Himachal News: हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि एचआरटीसी को केवल नफे-नुकसान के तराजू में नहीं तोलना चाहिए। यह कोई बिजनेस कंपनी नहीं, बल्कि जनसेवा का एक माध्यम है। निगम का जनता के साथ पिछले 50 सालों से गहरा रिश्ता है। प्रदेश में रेल और हवाई सेवा कम होने के कारण आज भी रोजाना 5 लाख लोग बसों पर निर्भर हैं।
निजी बस ऑपरेटरों को दी नसीहत
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी उन दुर्गम इलाकों में भी सेवा देती है, जहां निजी ऑपरेटर जाने से बचते हैं। निगम फिलहाल 28 अलग-अलग श्रेणियों में किराए में छूट दे रहा है। उन्होंने बाहरी राज्यों की बसों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बाहरी बसें रास्ते से सवारियां उठा रही हैं। इससे निगम को नुकसान हो रहा है। सवारियों पर पहला हक हिमाचल की बसों का है। सरकार इस मुद्दे पर अदालत में कानूनी लड़ाई भी लड़ रही है।
बेड़े में शामिल होंगी 550 नई बसें
परिवहन मंत्री ने बसों के बेड़े को बढ़ाने की जानकारी दी। जल्द ही निगम 300 नई इलेक्ट्रिक बसें और 250 मिनी बसें खरीदेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है। फिलहाल नई इलेक्ट्रिक बस का अर्की और सोलन समेत 36 जगहों पर ट्रायल चल रहा है। निगम के पास अभी 3200 बसें हैं। इनमें से 15 साल पुरानी या 9 लाख किलोमीटर चल चुकी 500 बसों को हटाया जाएगा।
हरिपुरधार हादसे और सुरक्षा पर अपडेट
डिप्टी सीएम ने सिरमौर के हरिपुरधार हादसे पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग और सड़क पर जमा पाला हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। उस समय बस में 82 यात्री सवार थे। मेले के कारण भीड़ ज्यादा थी, लेकिन रूट बंद नहीं था। सरकार ने सड़क सुरक्षा पर काम किया है। प्रदेश के 148 ‘ब्लैक स्पॉट्स’ में से 147 को ठीक कर दिया गया है। वहां क्रैश बैरियर भी लगा दिए गए हैं।
हिम कार्ड को लेकर दूर की गलतफहमी
सोशल मीडिया पर ‘हिम कार्ड’ को लेकर चल रही खबरों पर भी उन्होंने स्थिति साफ की। अग्निहोत्री ने कहा कि यह कार्ड यात्रा से जुड़ा नहीं है। पुरानी व्यवस्थाएं पहले की तरह ही रहेंगी। डॉलर के दाम बढ़ने से इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़ी है। कैबिनेट इस पर अंतिम फैसला लेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि घाटे वाले रूटों की समीक्षा होगी, लेकिन दुर्गम इलाकों में बस सेवा बंद नहीं की जाएगी।
