एचआरटीसी कर्मियों ने निगम प्रबंधन पर जड़ा सौतेले व्यवहार का आरोप

एचआरटीसी प्रबंधन निगम के कर्मचारियों से सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। दिन-रात ड्यूटी करने के बाद भी न तो उन्हें ओवरटाइम दिया जा रहा है और न ही आठ वर्ष पूरा कर चुके पीसमील कर्मशाला कर्मियों को पक्का किया जा रहा है। यही नहीं, कर्मचारियों का पिछले 10 वर्षों से एरिया रुका पड़ा है। मेडिकल बिलों का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। यह बात एचआरटीसी वर्कर यूनियन सरकाघाट की गेट मीटिंग में कर्मचारी महासंघ के प्रधान बृजलाल द्वारा कही गई। गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की कर्मशाला कर्मचारियों को 2017 के उपरांत पदोन्नति नहीं हो पाई है। इस बारे में जब ही मुख्य कार्यालय में संपर्क किया जाता है, तो हमेशा ही उदासीन रवैया रहता है। वे कई बार मुख्य कार्यालय को प्रस्ताव के माध्यम से भी अवगत करवा चुके हैं।

यही नहीं, कर्मशाला में लगे पीस मील कर्मचारियों को अनुबंध में भी नहीं लाया जा रहा है। बहुत से ऐसे कार्यशाला कर्मचारी हैं, जिन्हें आठ वर्ष कार्य करते हो गए हैं, लेकिन उनके लिए आज तक कोई भी ठोस नीति नहीं बन सकी है। उनके बहुत से वित्तीय लाभ अटके पड़े हैं। यहां तक कि 4-9-14 का स्केल 10 वर्षों से पेंडिंग पड़ा है। मेडिकल बिलों का भुगतान भी कई वर्षों से पेंडिंग है। हैरानी की बात तो यह है कि चालकों और परिचालकों का नाइट ओवर टाइम भी कई वर्षों से रुका हुआ है। कर्मचारियों को महीने की तनख्वाह भी समय पर नहीं मिल रही है, जबकि यह किसी से छुपा नहीं है कि इस महामारी कोविड-19 के दौरान में भी कर्मचारियों ने दिन-रात ड्यूटी की है। तब भी कर्मचारियों के साथ भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है। गेट मीटिंग को संघ के अध्यक्ष रूपलाल, उपप्रधान राकेश कुमार सचिव जोगेश्वर सिंह और दिलीप सिंह आदि ने भी संबोधित किया।

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