Himachal News: हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस में एक कंडक्टर को बच्चे का टिकट न काटना महंगा पड़ा। हमीरपुर डिपो की बस में यह वाकया हुआ। निरीक्षण दल ने जांच की तो नियमों की अनदेखी मिली। कंडक्टर पर तुरंत जुर्माना लगाया गया है। विभाग ने भविष्य के लिए सख्त चेतावनी भी दी है। यह मामला हमीरपुर के जंगलबैरी-शिमला रूट का है।
बच्चे की मासूमियत ने खोली पोल
सोमवार सुबह एक बस जंगलबैरी से शिमला जा रही थी। सुबह करीब 9:30 बजे बस भोरंज के डूंगरी स्टेशन पर रुकी। वहां एक महिला अपने दो बच्चों के साथ बस में चढ़ी। महिला ने घुमारवीं तक के दो टिकट मांगे। उसने कंडक्टर को बताया कि एक बच्चे की उम्र 5 साल से कम है। एचआरटीसी के नियमों के अनुसार 5 साल से छोटे बच्चे का टिकट नहीं लगता। कंडक्टर ने महिला की बात मानकर बच्चे का टिकट जारी नहीं किया।
रास्ते में चढ़ी फ्लाइंग स्क्वॉड
बस जब आगे बढ़ी तो रास्ते में निगम का निरीक्षण दल (Flying Squad) चढ़ गया। उन्होंने यात्रियों के टिकट चेक करना शुरू किया। जांच टीम ने उस बच्चे से भी बात की। अधिकारी ने बच्चे से उसकी उम्र पूछी। बच्चे ने मासूमियत से सच बोल दिया कि वह 6 साल का है। महिला का झूठ पकड़ा गया और कंडक्टर की लापरवाही भी सामने आ गई।
मौके पर ही लगा जुर्माना
बच्चे की सही उम्र पता चलते ही निरीक्षण दल ने कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने इसे नियमों का उल्लंघन माना। टीम ने मौके पर ही कंडक्टर पर जुर्माना लगा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्री की उम्र जांचना परिचालक की जिम्मेदारी है। ऐसी चूक से निगम को राजस्व का नुकसान होता है।
विभागीय कार्रवाई की तैयारी
एचआरटीसी हमीरपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक राहुल कुमार ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी लिखित रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी। निगम ने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की सख्त हिदायत दी है। कंडक्टरों को टिकट काटते समय पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
