राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा को लेकर बेहतर दावे करने वाले शिक्षा विभाग की एक बार फिर से पोल खुल गई है। हैरानी की बात है कि रूसा के तहत प्रदेश में आने वाले 129 कालेज इस योजना के तहत केंद्र से आने वाले बजट को सही ढंग से खर्च नहीं करवा पाए हैं। हैरानी की बात है कि 2013 में हिमाचल में उच्च शिक्षा में सुधार करने के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा को लागू किया गया था। केंद्र सरकार ने रूसा-वन के तहत हिमाचल को 216 करोड़ की पहली ग्रांट जारी की थी, उसमें से 40 करोड़ का बजट अप्रूव हुआ था, लेकिन वह बजट भी प्रदेश में अभी खर्च नहीं हो पाया है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने रूसा-टू के तहत दूसरी ग्रांट के तौर पर 92 करोड़ अप्रूव किए थे, लेकिन उसमें से भी केवल 45 करोड़ ही अभी तक रिलीज हो पाए हैं।

 इसके अलावा केंद्र सरकार ने अलग से रूसा के तहत हिमाचल के कालेजों में इन्फ्रास्ट्रक्चर व भवन निर्माण ग्रांट के लिए 53 करोड़ की ग्रांट जारी की थी, वहीं आठ करोड़ प्रारंभिक अनुदान के तौर में अप्रूव की थी। जानकारी के अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जारी की गई 53 करोड़ की ग्रांट भी हिमाचल खर्च नहीं कर पाया। महत्त्वपूर्ण यह है कि प्रारंभिक बजट में आठ करोड़ में से हिमाचल को अभी चार करोड़ ही मिला है। वहीं कालेज चार करोड़ के भी पूरे बजट को खर्च नहीं कर पाए हैं। ऐसे में बताया जा रहा है कि अगर जल्द 76 प्रतिशत का बजट खर्च नहीं किया गया, तो बचे हुए चार करोड़ भी लैप्स हो जाएंगे। इसको लेकर केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि  अगर मार्च, 2021 तक रूसा के तहत बजट को खर्च नहीं किया गया, तो ऐसे में अप्रूव हुआ पूरा बजट लैप्स हो जाएगा।

सूत्रों की मानें, तो केंद्र सरकार से बजट जारी होने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से कालेजों को बजट तो जारी किया गया, लेकिन इस बजट के खर्च का ब्यौरा नहीं लिया गया। साथ ही कालेजों को बजट जारी करने के बाद प्लानिंग पर चर्चा नहीं की गई। बता दें कि रूसा टू तक हिमाचल को अभी तक 308 करोड़ का बजट अप्रूव हुआ है। अब केंद्र सरकार ने साफ किया है कि अगर पूराने बजट का 76 प्रतिशत तक यूटालाइजेशन सर्टिफिकेट हिमाचल के कालेज दे देते हैं, तो उनके लिए फायदेमंद होगा। बता दें कि मार्च 2021 के बाद हिमाचल में न्यू एजुकेशन पॉलिसी लागू होगी। न्यू एजुकेशन पॉलिसी के बाद नई स्कीमें शुरू होंगी।

प्रदेश के पास तीन महीने का वक्त
केंद्र सरकार ने एक बार फिर से हिमाचल को रूसा के तहत बजट लेने के लिए एक और मौका दिया है। साथ ही हिमाचल के पास केवल तीन माह का ही समय बचा है। तीन माह के अंदर अगर रूसा के तहत बचे हुए करोड़ों के बजट को हिमाचल नहीं ले पाया, तो ऐसे में बजट लैप्स होने के साथ ही कालेज भवनों के निमार्ण के लिए आने वाले बजट पर भी रोक लग जाएगी।

By RIGHT NEWS INDIA

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