Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (HPBOSE) ने स्टेट ओपन स्कूल (SOS) की कक्षा 10 और 12 के स्पेशल इम्प्रूवमेंट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। सितंबर 2025 में आयोजित हुई इस परीक्षा में भाग लेने वाले सभी उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। बोर्ड ने दोनों कक्षाओं के लिए अलग-अलग लिंक जारी किए हैं।
रिजल्ट के मुताबिक, बारहवीं कक्षा का कुल पास प्रतिशत 89.19 है जो दसवीं कक्षा के 77.84 प्रतिशत से अधिक है। ये आंकड़े बोर्ड के तहत शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाते हैं। परीक्षा परिणाम हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छात्रों को अपना रिजल्ट देखने के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट hpbose.org या hnbesc.org पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट सेक्शन में जाकर संबंधित लिंक का चयन करना होगा। इसके बाद रोल नंबर दर्ज करके रिजल्ट प्राप्त किया जा सकता है।
रिजल्ट में त्रुटि होने पर रीचेकिंग का विकल्प
बोर्ड ने रिजल्ट में किसी भी प्रकार की त्रुटि की शिकायत करने के लिए रीचेकिंग की सुविधा भी प्रदान की है। यदि किसी छात्र को अपने अंकपत्र में कोई गलती नजर आती है तो वह इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकता है। रीचेकिंग के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 23 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
रीचेकिंग के लिए छात्रों को प्रति विषय 800 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं पुनर्मूल्यांकन यानी री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति विषय 1000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह सुविधा उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं।
रिजल्ट चेक करने की सरल प्रक्रिया
सबसे पहले छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट hpbose.org पर विजिट करना है। वेबसाइट के मुखपृष्ठ पर ‘Results’ नाम के टैब या सेक्शन पर क्लिक करना है। वहां से “HPSOS 10th/12th Special Improvement Result, September-2025” के विकल्प का चयन करना होगा।
इसके बाद एक नया पेज खुलेगा जहां परीक्षार्थी को अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा। रोल नंबर डालने के बाद ‘Search’ या ‘Submit’ बटन पर क्लिक करते ही रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। छात्र रिजल्ट को डाउनलोड करके उसका प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं।
राज्य के शिक्षा बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका
हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन राज्य में स्कूली शिक्षा के मानकों को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। बोर्ड नियमित और ओपन स्कूलिंग दोनों प्रणालियों के तहत परीक्षाएं आयोजित करता है। यह सुधार परीक्षाएं छात्रों को अपने ग्रेड सुधारने का एक और अवसर प्रदान करती हैं।
स्टेट ओपन स्कूल उन छात्रों के लिए शिक्षा का विकल्प प्रस्तुत करता है जो नियमित कक्षाओं में भाग नहीं ले सकते। यह प्रणाली दूरदराज के इलाकों में रहने वाले या कामकाजी लोगों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है। बोर्ड इन सभी छात्रों के लिए समान मानक सुनिश्चित करता है।
परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद सफल छात्र अगली कक्षा में प्रवेश के लिए पात्र हो जाते हैं। वे उच्च शिक्षा या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने की योजना बना सकते हैं। बोर्ड द्वारा जारी मार्कशीट आगे की पढ़ाई के लिए आवश्यक दस्तावेज है।

