रमेश रॉव प्रदेश सचिव हिमाचल कांग्रेस ने जारी प्रेस ब्यान में कहा कि प्रदेश सरकार ने पूरे अभिभाषण को पढ़ाने की बजाय सिर्फ दो पन्ने पढ़कर बाकी अभिभाषण की आखिरी लाईन पढ़ डाली, जिससे विपक्ष बिफर गया।
प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बजट में निक्कामियों को छुपाने के लिए सदन के बाहर हुई घटना को तुल दिया। ताकि विपक्ष को बदनाम करके,जनता का ध्यान भटकाया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विचारधारा संविधान के प्रति हमेशा ईमानदार रही है। संविधान और महामहीम राज्यपाल का मान सम्मान करती आ रही है और सदा करती रहेगी। संविधान में राज्यपाल को सम्मानित और उच्च कोटि का दर्जा है। इसे किसी भी पार्टी से जोड़ कर नहीं देखा जा सकता। लेकिन भाजपा महामहीम राज्यपाल को अपनी पार्टी से जोड़ कर देख रही है। उन्होंने कहा लोकतन्त्र प्रणाली में विपक्ष अपनी बात रखने के लिए महामहीम राज्यपाल के समाने खड़ा हो सकता है और सरकार के प्रति अपनी आवाज उठा सकता है।

रमेश रॉव ने मुख्यमंत्री और भाजपा मंत्रीयों दुबारा लगाए गए झूठे आरोपों की कड़ी निद्दा की। उन्होंने कहा कि मीडिया की तस्वीरों से साफ पता चल रहा है कि विपक्ष ने नेता मुकेश अग्निहोत्री ने सिर्फ अपने विधायकों सहित अपनी बात रखने के लिए नारेबाजी कर रहे थे। ना ही किसी कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष ने माननीय महामहीम राज्यपाल को को छुआ और न ही गाड़ी तोड़ने की कोशिश की। उल्टा भाजपा के मंत्रियों और विधानसभा के उपाध्यक्ष ने सरेआम धक्का मुक्की की और विपक्ष के नेता के गिरहबान पर हाथ डाला। भाजपा विधायक कांग्रेस विधायकों को धक्के से दूर फेंकते नजर आए। उस समय विपक्ष के नेता ने अपने आप को बचाते हुए, बड़ी मुश्किल से जैसे तैसे खड़े रहे और कई बार जमीन पर गिरते गिरते बचे।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के मुद्दों, मामलों, शिकायतों व समस्याओं से सरकार लगातार भागती आई है और अब सरकार ने तानाशाह रवैये का परिचय देते हुए विधानसभा सत्र में विपक्ष की आवाज को कुचलना चाहा है। जिसके चलते 5 विधायकों को सस्पेंड करके हुकूमत की हेकड़ी का सबूत दिया है। विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के मंत्रियों और विधानसभा उपाध्यक्ष पर कारवाई अमल में क्यो नही लाई। जिन्होंने सरेआम विपक्ष के नेताओं को धक्के देकर लोकतन्त्र की हत्या की है। हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल व फ्लाप हो चुकी है। इसलिए सरकार अपनी हर जिम्मेदारी व जवाबदेही से भाग रही है और किसी भी बात पर चर्चा नहीं करना चाहती है।

रमेश राव ने कहा कि विधानसभा सत्र के पहले दिन सरकार के लोगों ने खुद विपक्ष को विरोध करने पर इंस्टीगेट किया। हंगामा भी सरकार की तरफ से ही बरपा जिस पर सरकार ने सत्ता का दुरूपयोग कर विपक्ष के पांच विधायकों को सस्पेंड कर अपनी तानाशाही का परिचय दिया। केंद्र की तर्ज पर अब प्रदेश सरकार भी शांतिपूर्ण किए जाने वाले प्रोटेस्ट को सहन नहीं कर पा रही है और हंगामा करने का बहाना ढूंढती है। क्या सरकार अपनी कमजोरियों को छिपाना व दबाना चाह रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के धौंस-दबाव में जनता की आवाज उठा रहे विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है लेकिन सरकार यह न भूले कि विपक्ष प्रदेश की जनता की आवाज है और यह आवाज किसी धौंस-दबाव से दबने वाली नहीं है।

By RIGHT NEWS INDIA

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