होटल और रेस्टोरेंट के बंद होते चूल्हों को मिली संजीवनी! युद्ध के खौफ के बीच सरकार का बड़ा फैसला, एलपीजी पर आई गुड न्यूज

National News: मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच भारत के कारोबारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। कई राज्यों में होटलों और रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने खुद इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इस फैसले से उन हजारों व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है, जिनके सामने गैस की कमी के कारण अपना कारोबार ठप होने की नौबत आ गई थी। सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस का पर्याप्त भंडार है और फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिली बड़ी राहत

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इन हालात पर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने लंबी चर्चा के बाद कमर्शियल उपभोक्ताओं को एलपीजी देने का फैसला किया है। कई राज्यों में सिलेंडरों का वितरण शुरू हो चुका है। ग्राहकों तक उनकी सप्लाई तेजी से पहुंचने लगी है। हाल के दिनों में गैस की भारी किल्लत देखी जा रही थी। इस किल्लत ने हॉस्पिटैलिटी और फूड सर्विस सेक्टर की कमर तोड़ दी थी। अब सप्लाई शुरू होने से इस पूरे सेक्टर को नई संजीवनी मिल गई है।

पैनिक बुकिंग से बिगड़े हालात, सीएआईटी ने दी चेतावनी

अधिकारियों ने माना कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात चिंता का विषय जरूर हैं। लेकिन देश में अभी तक कहीं भी एलपीजी का स्टॉक खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच ‘कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (सीएआईटी) ने मध्य प्रदेश सरकार से एक खास अपील की है। सीएआईटी ने भोपाल में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को पूरी तरह ठप होने से बचाने की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने लोगों से पैनिक बुकिंग बिल्कुल न करने की अपील की है। पहले हर दिन करीब 75 से 76 लाख बुकिंग हो रही थी। अब डर के कारण यह आंकड़ा 88 लाख तक पहुंच गया है। अगर यह स्थिति रही तो हजारों लोगों की रोजी-रोटी छिन सकती है।

खाद का पर्याप्त भंडार, किसानों को नहीं होगी परेशानी

मिडिल ईस्ट के युद्ध ने दुनिया भर की सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अहम व्यापारिक रास्ते बाधित हो गए हैं। इससे दुनिया भर में यूरिया और अमोनिया जैसी खादों की कीमत आसमान छूने लगी है। बड़े खरीदारों के लिए आयात की लागत काफी बढ़ गई है। लेकिन सरकारी सूत्रों ने किसानों को पूरा भरोसा दिलाया है। भारत के पास फिलहाल खाद का पर्याप्त और सुरक्षित भंडार मौजूद है।

सरकार की शानदार तैयारी से टला बड़ा संकट

दुनिया भर के बाजारों में मचे इस हाहाकार के बीच सरकार ने बेहद तेजी दिखाई। सरकार ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता को पहले ही भांप लिया था। इसके जवाब में आयात और घरेलू रखरखाव के सभी काम समय से पहले ही पूरे कर लिए गए। आंकड़ों के मुताबिक, 13 मार्च तक भारत का खाद भंडार पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक भरा हुआ है। इस शानदार तैयारी ने किसानों को एक मजबूत सुरक्षा कवच दे दिया है। अब वे बिना किसी चिंता के अपनी गर्मियों की फसल की तैयारी कर सकते हैं।

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