Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कान के मामूली ऑपरेशन के लिए भर्ती हुए एक मरीज की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एक इंजेक्शन लगते ही मरीज की जान चली गई। इस हिमाचल न्यूज ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हंसते-खेलते अस्पताल पहुंचे व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
इंजेक्शन लगा और निकल गई जान
दरबाथू गांव के रहने वाले बलदेव राम को गुरुवार सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, बलदेव बिल्कुल स्वस्थ थे और सबसे बातें कर रहे थे। मृतक के बेटों, विजय और रजत ने बताया कि रात करीब 9:00 बजे ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उनके पिता को एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही उनके मुंह से झाग निकलने लगा। कुछ ही पलों के भीतर मरीज ने दम तोड़ दिया। यह मंजर देखकर वहां मौजूद हर कोई सहम गया।
वार्ड से नदारद थे सीनियर डॉक्टर
लोहारा पंचायत के प्रधान पन्नालाल और परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मरीज को कौन सा इंजेक्शन दिया गया, यह नहीं बताया गया। आरोप है कि घटना के वक्त वार्ड में कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीजों को ट्रेनी डॉक्टरों और नर्सों के भरोसे छोड़ दिया गया था। जब परिजनों ने शोर मचाया, तब डॉक्टर जागे और मरीज को आईसीयू ले गए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
शुक्रवार को गांव में मातम के बीच बलदेव राम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है। लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. आरआर नेगी ने कहा कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगी। उन्होंने कहा कि अगर परिजनों को लापरवाही का शक है, तो वे लिखित शिकायत दे सकते हैं। फिलहाल इस हिमाचल न्यूज पर हर किसी की नजर टिकी है।

