Mount Maunganui: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले क्रिकेट की दुनिया में एक अनोखी घटना घटी है। न्यूजीलैंड के घरेलू टूर्नामेंट ‘सुपर स्मैश’ में एक ऐसा ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जो पुरुषों के टी20 क्रिकेट में पहले कभी नहीं हुआ था। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स और ओटागो वोल्ट्स के बीच खेले गए मुकाबले में एक ही पारी में दो बल्लेबाजों को ‘रिटायर आउट’ किया गया। यह मैच बेहद रोमांचक रहा और अंत में टाई पर खत्म हुआ।
धीमी बल्लेबाजी बनी रिकॉर्ड की वजह
यह मुकाबला टूर्नामेंट का 10वां मैच था। ओटागो वोल्ट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 166 रन बनाए थे। जवाब में नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स की शुरुआत अच्छी रही। टीम ने 11 ओवर में 82 रन बना लिए थे। इसके बाद जीत रावल और जेवियर बेल क्रीज पर थे। दोनों ने लगभग 5 ओवर तक बल्लेबाजी की, लेकिन रन गति काफी धीमी हो गई।
दोनों बल्लेबाजों ने 32 गेंदों में सिर्फ 27 रन जोड़े। टीम जीत की रेस में पिछड़ने लगी थी। इसे देखते हुए नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स ने एक साहसिक फैसला लिया। उन्होंने 17वें ओवर में जीत रावल को रिटायर आउट कर दिया। इसके तुरंत बाद, अगले ही ओवर में जेवियर बेल को भी वापस बुला लिया गया। टी20 क्रिकेट (पुरुष) के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब एक ही पारी में दो खिलाड़ी रिटायर आउट हुए।
फैसले ने बदल दिया मैच का रुख
टीम का यह रिस्क काफी हद तक सफल रहा। रावल के बाद क्रीज पर आए कप्तान बेन पोमारे ने अपनी पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा। इसके बाद जेवियर बेल की जगह आए स्कॉट कुजेलियन ने भी पहली गेंद पर छक्का लगाया। दोनों नए बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ रन बनाए और मैच को रोमांचक बना दिया।
स्कॉट कुजेलियन ने आखिरी ओवर का पूरा जिम्मा उठाया। जीत के लिए 19 रन चाहिए थे। कुजेलियन ने अकेले दम पर 18 रन कूट दिए। हालांकि, वह टीम को जीत नहीं दिला सके, लेकिन मैच टाई कराने में सफल रहे।
सुपर ओवर के बिना खत्म हुआ मैच
मैच का परिणाम काफी दिलचस्प रहा। ओटागो ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 166 रन बनाए थे। नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स का स्कोर भी 20 ओवर में 6 विकेट पर 166 रन ही रहा। आमतौर पर टी20 क्रिकेट में टाई होने पर सुपर ओवर होता है। लेकिन सुपर स्मैश के ग्रुप स्टेज मैचों में सुपर ओवर का नियम नहीं है। इसलिए मैच को टाई घोषित किया गया और दोनों टीमों में बराबर अंक बांटे गए।
इससे पहले महिला टी20 में यूएई की टीम ने कतर के खिलाफ अपने सभी 10 बल्लेबाजों को रिटायर आउट किया था, लेकिन पुरुष क्रिकेट में ऐसा पहली बार देखा गया है।
