Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में सोमवार तड़के एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। अर्की बाजार में भीषण आग लगने से 10 लोग जिंदा जल गए। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों में 5 मासूम बच्चे और 2 महिलाएं भी शामिल हैं। आग का तांडव इतना भयानक था कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया है। मलबे में अभी भी लोगों के शरीर के जले हुए हिस्से मिल रहे हैं। प्रशासन और राहत बचाव दल मौके पर मौजूद हैं और जांच जारी है।
रात 2 बजे मौत बनकर आई आग
जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा सोमवार सुबह करीब 2 बजे हुआ। यूको बैंक के पास स्थित एक पुरानी इमारत में अचानक आग लग गई। उस समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर दो नेपाली परिवार और एक बिहारी मूल का बच्चा गहरी नींद में सो रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। लपटों ने देखते ही देखते पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। सोए हुए लोग नींद में ही काल का ग्रास बन गए।
सिलेंडरों के धमाकों से गूंज उठा पूरा बाजार
आग लगने के कुछ ही देर बाद इमारत के अंदर रखे गैस सिलेंडर फटने लगे। इन जोरदार धमाकों से आग और ज्यादा भड़क गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि पास के दो अन्य मकान भी इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए दाड़लाघाट और बालुगंज से भी दमकल की गाड़ियां मंगवानी पड़ीं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को आग बुझाने में करीब 9 घंटे का समय लगा।
मलबे में मिले शवों के टुकड़े
एनडीआरएफ (SDRF) की टीम ने आग बुझने के बाद राहत कार्य शुरू किया। अभी तक मलबे से 8 साल के एक बच्चे समेत 3 शव बरामद किए गए हैं। कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं। मौके से शरीर के कुछ अंग भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब (FSL) जुन्गा भेजा गया है। ठेकेदार मोहनलाल के मुताबिक, मृतकों में धन बहादुर, कांशीराम, टीका, कविता और 5 बच्चे शामिल थे। बिहारी परिवार के एक 8 वर्षीय बच्चे की भी इस हादसे में जान चली गई।
करोड़ों का नुकसान और पड़ोसियों की सूझबूझ
इस अग्निकांड में 5 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इनमें कपड़े, जूते, घड़ी और करियाना की दुकानें शामिल थीं। व्यापारियों का करोड़ों रुपये का सामान जल गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि संकरी गलियों और लकड़ी के मकानों के कारण खतरा बहुत ज्यादा था। पड़ोसियों ने समझदारी दिखाते हुए बाल्टियों से पानी डालकर आग को फैलने से रोका। अगर समय रहते दमकल विभाग और लोग सक्रिय न होते, तो पूरा अर्की बाजार राख के ढेर में बदल सकता था। पुलिस और प्रशासन लापता लोगों की तलाश कर रहा है।
