कल्पा में लगाया गया विधिक साक्षरता शिविर, लोगों दी गई कानून, अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी

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रिकांगपिओ। किन्नौर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सौजन्य से आज कल्पा उपमंडल की ग्राम पंचायत शौंग में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवा एवं प्राधिकरण किन्नौर निशांत वर्मा ने की।

उन्होंने कहा कि इस शिविर को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्य व समय पर न्याय उपलब्ध करवाना है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अधिकतर मामलों को मध्यस्थता के द्वारा सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए ताकि लोगों में आपसी भाईचारा कायम रह सके।

उन्होंने इस अवसर पर लोगों को लोक अदालत के माध्यम से न्यायिक मामलों को सुलझाने के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि किन्नौर जिला में 13 अगस्त, 2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है जिसकी सुनवाई 13 अगस्त, 2022 कसे ही हसेगी। उन्होंने कहा कि अधिकतर मामलों का निपटारा पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए जिससे समय की बचत के साथ-साथ पैसों की भी बचत होती है।

उन्होंने लीगल सर्विसेज एक्ट-1987 के तहत नालसा के गठन के बारे में भी उपस्थित जनों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि नालस की ऐप  https://nalsa.gov.in  व पत्राचार के माध्यम से व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज कर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने प्राधिकरण के सौजन्य से समाज के विभिन्न वर्गों को प्रदान की जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसके तहत जिले के दूर-दराज क्षेत्रों के ऐसे व्यक्ति जो आर्थिक दृष्टि से गरीब, पिछड़े व कमजोर वर्ग (अनुसूचित जाति/जनजाति), महिलाएं, असहाय, नाबालिग बच्चे, ऐसी महिलाएं व बुजुर्ग व्यक्ति जिनका कोई सहारा नही है तथा जिन्हें बुढ़ापे में अकेला छोड़ दिया जाता है को कानूनी अधिकारों से अवगत करवाना है ताकि वे निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता, कानूनी सलाह व कानूनी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।

इस अवसर पर अधिवक्ता प्रेमलता नेगी ने कहा कि आज के समय में बढ़ती घरेलू हिंसा के मद्देनजर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण प्रदान करने के दृष्टिगत घरेलू हिंसा अधिनियम बनाया गया है जिसके तहत कोई भी पीड़ित महिला हेल्पलाइन नंबर 112, 1090 व 1091 पर सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकती है।

अधिवक्ता रविकांत ने शिविर के दौरान उपस्थित जनों को बुजुर्गों के न्यायिक अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा हेल्पलाइन नंबर 14567 पर सम्पर्क कर बुजुर्ग कानूनी सहायता के प्रति जानकारी हासिल कर सकता है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत शौंग की प्रधान राम प्यारी, उपप्रधान गंगा सिंह, युवा मोर्चा के अध्यक्ष सोनू राज, सचिव राजगोपाल, पुलिस विभाग सांगला के आरक्षी विशाल सहित अन्य ग्राम वासी उपस्थित थे।

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