HP Police Drugs Free App: नशा माफिया की पोल खोल रही ड्रग्स फ्री एप, जानें कैसे करें डाउनलोड

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शिमला। Himachal Police Drugs Free App, तस्कर हमारे बच्चों को बिगाड़ रहे हैं… वे उन्हें नशे का आदी बना रहे हैं… आपसे आग्रह है कि माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करो। ऐसी सूचनाएं कई स्वजन सीआइडी को ड्रग्स फ्री एप में दे रहे हैं। कई लोग तस्करों के संबंध में इतनी सटीक सूचनाएं देते हैं कि आरोपित तत्काल पकड़ में आ जाते हैं। यह एप तस्करों खासकर चिट्टे की आपूर्ति करने वालों की पोल खोल रही है। तीन साल में 42 हजार लोगों ने ड्रग्स फ्री एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया है। इनमें से 2500 लोगों ने एप पर सीआइडी को नशे के संबंध में गोपनीय सूचनाएं दी हैं। एप की निगरानी स्टेट सीआइडी का नारकोटिक्स विंग करता है।

दावा है कि इन सूचनाओं के आधार पर करीब 90 प्रतिशत मामलों में संबंधित जिलों की पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है। सूचना तत्काल जिलों की पुलिस को भेजी जाती है। जहां संभव हो, वहां नारकोटिक्स क्राइम कंट्रोल यूनिट कार्रवाई करती है। ड्रग्स फी एप 30 जून 2019 को लांच हुई थी। तीन साल में इसकी सीआइडी व राज्य पुलिस मुख्यालय ने लगातार समीक्षा की है। इसके माध्यम से लोगों में भरोसा जताया जा रहा है कि वे जो भी सूचना देंगे, वह न केवल गोपनीय रहेगी बल्कि उसके आधार पर कार्रवाई होगी।

सटीक सूचना पर पकड़ा चिट्टा तस्कर

हाल ही में ड्रग्स फ्री एप पर सूचना मिली कि एक तस्कर वाहन में सवार होकर चंडीगढ़ से शिमला के लिए चल पड़ा है। उसके वाहन में चिट्टा है। यह सूचना इतनी सटीक थी कि सोलन आते-आते चंद घंटे के बाद आरोपित 20 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया। सीआइडी के नारकोटिक्स ङ्क्षवग ने यह कार्रवाई की। चिट्टा हेरोइन का ही रूप है। जब हेरोइन मे केमिकल मिलाए जाते हैं तो यह चिट्टा बन जाता है जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होता है। युवा पीढ़ी आजकल इसी का अधिक सेवन कर रही है।

व्यावसायिक मात्रा बरामद होने पर नहीं होती जमानत

चिट्टे के मामले में यदि व्यावसायिक मात्रा बरामद हो तो आरोपित की जमानत नहीं हो पाती है। 250 ग्राम से अधिक चिट्टा बरामद हो तो इसे व्यावसायिक मात्रा माना जाता है। पांच ग्राम तक स्माल क्वांटिटी, छह से 250 ग्राम तक इंटर मीडिएट क्वांटिटी और इससे अधिक व्यावसायिक मात्रा होती है। सीआइडी के नारकोटिक्स ङ्क्षवग ने गत बुधवार को ही नारकंडा क्षेत्र के दमाड़ी में टैक्सी चालक राजेश के कब्जे से 1.61 किलोग्राम चरस बरामद की थी। इस मामले में आरोपित की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।

क्‍या कहते हैं अधिकारी

  • एडीजीपी सीआइडी एसपी सिंह का कहना है नशे की जड़ पर चोट करने के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है। लोग आगे आएंगे तो सीआइडी और पुलिस भी कानूनन कार्रवाई कर सकेगी। आपूर्ति व मांग दोनों चेन पर सख्ती से कार्रवाई करनी पड़ेगी। ड्रग्स फी एप पर लोगों से सूचनाएं मिल रही हैं।
  • लोग नशे की तस्करी के संबंध में सूचनाएं दें, जिन्हें गोपनीय रखा जाएगा। यह सूचना टोल फ्री नंबर 1908 पर या ड्रग्स फ्री एप पर दी जा सकती है। एप पर सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इस साल नारकोटिक्स विंग ने एनडीपीएस के तहत 13 मामले पकड़े हैं। -दिनेश शर्मा, डीएसपी, नारकोटिक्स क्राइम कंट्रोल यूनिट, सीआइडी।

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