Himachal News: सिरमौर जिले के रहने वाले कपिल नेगी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस वीडियो में वह बहरीन में एक पाकिस्तानी युवक की दुर्दशा दर्शाते हैं। कपिल खुद बहरीन में नौकरी करते हैं और अक्सर वीडियो शेयर करते रहते हैं। इस नए वीडियो में उनके पाकिस्तानी साथी ने कम वेतन और कर्ज की मजबूरी बताई है।
कपिल नेगी ने वीडियो में अपने दोस्त का नाम अशफाक बताया है। उन्होंने कहा कि अशफाक पाकिस्तान से बहरीन आकर परेशान हो चुका है। इस युवक ने घरवालों के छह लाख रुपये लगाकर विदेश में नौकरी की तलाश में कदम रखा था। उसे यहां आए हुए एक साल हो गया है लेकिन अभी तक पूरा कर्ज नहीं चुका पाया है।
परिवार की कड़ी शर्त
वीडियो में कपिल ने बताया कि अशफाक के घरवालों ने सख्त शर्त रखी है। परिवार का कहना है कि पूरे छह लाख रुपये चुकाए बिना वह पाकिस्तान नहीं लौट सकता। यह कर्ज उसने नौकरी के लिए विदेश आने से पहले उठाया था। अशफाक की कम सैलरी इस कर्ज को चुकाने में बड़ी बाधा बन रही है।
अशफाक ने खुद कैमरे के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उसने बताया कि उसकी सैलरी काफी कम है और इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। इसके बाद वह अपने काम में व्यस्त हो गया। कपिल ने कहा कि अशफाक ने ही उनसे यह वीडियो बनाने का अनुरोध किया था ताकि उसकी समस्या लोगों तक पहुंच सके।
विदेश में नौकरी की चुनौतियां
कपिल नेगी ने इस मौके पर विदेश में काम करने की इच्छा रखने वालों को सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में नौकरी करने जाने से पहले अच्छी तरह रिसर्च कर लेनी चाहिए। किसी भी अच्छी और विश्वसनीय जगह पर ही आवेदन करना चाहिए। क्योंकि कई बार काम की स्थितियां बहुत कठोर होती हैं।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर कर्मचारियों को पर्याप्त छुट्टियां भी नहीं मिलती। इससे शारीरिक और मानसिक थकान हो सकती है। कपिल और उनके भाई प्रदीप नेगी पहले भी अपने अनोखे परिवारिक मॉडल के लिए सुर्खियां बटोर चुके हैं। दोनों भाइयों ने एक ही युवती से विवाह किया है।
प्रवासी मजदूरों की सामान्य समस्या
अशफाक की कहानी उन लाखों प्रवासी मजदूरों की दास्तान है जो बेहतर रोजगार की तलाश में विदेश जाते हैं। कई बार एजेंट ऊंचे कमीशन के चक्कर में उनसे ज्यादा पैसे ले लेते हैं। फिर कम वेतन और खराब कामकाजी परिस्थितियों में उनका गुजारा मुश्किल हो जाता है।
घर वापसी के लिए जरूरी बचत जुटाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। कपिल नेगी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी देखा जा रहा है। लोग इसमें दिखाई गई प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं। यह मामला अंतरराष्ट्रीय श्रम नीतियों पर सवाल खड़ा करता है।

