Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अपने दोहरे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक तरफ राज्य में बर्फबारी और बारिश का नामोनिशान नहीं है। वहीं दूसरी तरफ जबरदस्त ठंड ने जनजीवन को अपनी चपेट में ले लिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक हर जगह कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता न होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसके चलते कम से कम 16 जनवरी तक आसमान साफ रहने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि प्रदेश को न तो सूखे से राहत मिलेगी और न ही ठंड से कोई बड़ी निजात मिल सकेगी।
बर्फ के बिना भी जम रही है बर्फानी ठंड
हिमाचल के अधिकांश पहाड़ इस साल बर्फ की सफेद चादर से महरूम हैं। लेकिन ठंड का प्रकोप पूर्व वर्षों से कहीं अधिक है। प्रदेश के बारह जिलों में से आठ में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। दो अन्य जिलों में पारा शून्य के आसपास ही रिकॉर्ड किया जा रहा है।
लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे ऊंचाई वाले जिले तो पहले से ही अत्यधिक ठंड का सामना करते हैं। इस बार कुल्लू, चंबा और मंडी जैसे जिलों में भी पानी की पाइपलाइनें जम गई हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी रातें बेहद सर्द हो गई हैं। सोलन और बिलासपुर जिलों में भी तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दिन में धूप निकलने के बावजूद शाम होते ही ठंड फिर से अपना प्रभाव दिखाने लगती है।
घने कोहरे ने बढ़ाई सड़क दुर्घटनाओं की आशंका
मैदानी इलाकों में केवल ठंड ही समस्या नहीं है। घने कोहरे ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी धुंध के चलते पंजाब के दसूहा इलाके में एक दुखद सड़क हादसा हुआ। इस दुर्घटना में ऊना जिले के चार निवासियों की मौत हो गई।
भाखड़ा और पौंग जैसे बड़े जलाशयों के आसपास दृश्यता बेहद कम हो गई है। इस कारण वाहन चालकों को सफर के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। सड़कों पर जमी पाले की परत के कारण वाहनों के फिसलने का खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा जिलों में रविवार और सोमवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान घने कोहरे और ठंड की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
शिमला और धर्मशाला जैसे शहरों में दिन के समय सूरज निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिलती है। लेकिन यह गर्माहट केवल कुछ घंटों के लिए ही रहती है। शाम होते ही तापमान फिर से तेजी से गिरने लगता है और ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे गैर जरूरी यात्राओं से बचें। खासकर रात और सुबह के समय सड़कों पर अत्यधिक सावधानी बरतें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय हेडलाइट का इस्तेमाल जरूर करें।
पश्चिमी विक्षोभ की कमी के कारण ही राज्य में बारिश और बर्फबारी नहीं हो रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी के अंत तक हालात में सुधार की संभावना है। तब तक लोगों को ठंड और सूखे का सामना करना पड़ सकता है।

