Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग ने पाइप खरीद में गड़बड़ी मिलने पर एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने आपूर्तिकर्ता कंपनी की 22 करोड़ रुपये की पेमेंट रोक दी है। बड़सर और आनी उपमंडल के लिए हुई इस खरीद में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। मामला तूल पकड़ते ही उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सचिवालय में अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। विभाग ने अब पूरे मामले की जांच बैठा दी है।
रास्ते में बदल दी गई गाड़ी, नियमों की उड़ी धज्जियां
विभागीय जांच में सामने आया कि कंपनी ने सिकंदराबाद से एक ट्रक (HR 39 F 7899) में पाइप भेजे थे। रास्ते में इन पाइपों को दो अलग-अलग गाड़ियों में शिफ्ट (ट्रांसशिपमेंट) कर दिया गया। नियमों के अनुसार, यदि माल को दूसरी गाड़ी में चढ़ाया जाता है, तो अधिकारियों के सामने वीडियोग्राफी करना अनिवार्य है।
आरोप है कि कंपनी ने बिना वीडियोग्राफी के ही पाइप बड़सर और आनी भेज दिए। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अब यह मामला अंतिम फैसले के लिए राज्यस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के सामने रखा जाएगा।
36 करोड़ का था ऑर्डर, अब फंसा पैसा
खाद्य आपूर्ति निगम के माध्यम से मैसर्ज एपीएल अपोलो ट्यूब्स कंपनी को यह ऑर्डर दिया गया था। वर्ष 2024-25 के लिए करीब 36.77 करोड़ रुपये की लागत से 4770 मीट्रिक टन जीआई पाइप खरीदे जाने थे। इसमें बड़सर और आनी के लिए पाइपों की सप्लाई होनी थी।
जल शक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा ने बताया कि कंपनी का अंतिम भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। निगम मामले की जांच कर रहा है और जल्द ही रिपोर्ट विभाग को मिल जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई तय की जाएगी।
