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हिमाचल में बवाल: कॉलेज छात्रा की मौत पर गहराया रहस्य, प्रोफेसर और छात्राओं पर गंभीर आरोप, DGP तक पहुंचा मामला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। धर्मशाला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला गरमा गया है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अब सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखा है। पार्टी ने इस मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि कॉलेज की ही कुछ छात्राओं और एक प्रोफेसर की प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने अपनी जान गंवा दी।

पिता का दर्द और प्रोफेसर पर गंभीर आरोप

मृतक छात्रा के पिता विक्रम कुमार, जो सिद्धबाड़ी के निवासी हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि कॉलेज की कुछ छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और उसे डराया-धमकाया। मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एक कॉलेज प्रोफेसर का नाम सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बयानों के अनुसार, प्रोफेसर अशोक कुमार पर छात्रा के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप लगा है।

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डिप्रेशन और इलाज के दौरान मौत

परिजनों के मुताबिक, कॉलेज में लगातार हो रहे उत्पीड़न और डराने-धमकाने की वजह से पल्लवी मानसिक रूप से बुरी तरह टूट गई थी। वह बेहद डर गई थी, जिसका सीधा असर उसकी सेहत पर पड़ा। उसे इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया। आखिरकार, 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) में उसने दम तोड़ दिया। परिवार का दावा है कि उन्होंने पहले भी धर्मशाला पुलिस को इस बारे में सूचित किया था, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

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माकपा की मांग और पुलिस की कार्रवाई

माकपा के राज्य सचिव संजय चौहान ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है। पार्टी का कहना है कि चूंकि मृतक छात्रा अनुसूचित जाति (Dalit) समुदाय से थी, इसलिए यह जांचना भी जरूरी है कि क्या यह जातिगत अत्याचार का मामला है। माकपा ने मांग की है कि इस घटना की हर पहलू से जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।

दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी छात्राओं और प्रोफेसर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में और क्या नए तथ्य सामने आते हैं।

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