सोमवार, जनवरी 5, 2026
0.4 C
London

हिमाचल प्रदेश: विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा, जगत नेगी और जयराम ठाकुर के बीच फिर हुई तीखी बहस

Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन काफी हंगामेदार रहा। तपोवन में आठवें दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी कम नहीं हुई। मंत्री जगत सिंह नेगी और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद इतना बढ़ गया कि भाजपा विधायक विपिन परमार भी इसमें कूद पड़े। सदन में भारी शोरगुल के कारण स्पीकर को कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

विशेषाधिकार हनन पर रार

जगत सिंह नेगी ने पूर्व सीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने स्पीकर से इस पर कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने बताया कि नोटिस सचिव के पास जांच के लिए भेजा गया है। जल्द ही इस पर अगली सूचना दी जाएगी। इस दौरान नेगी ने कहा कि उन्हें बदतमीज और नॉनसेंस कहा गया। उन्होंने कहा कि सच बोलना अगर बदतमीजी है, तो वे इसे करते रहेंगे। वे जनजातीय क्षेत्र से हैं और किसी की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश सरकार: स्कूलों में 1500 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया नवंबर में शुरू, जानें भर्ती का पूरा शेड्यूल

संस्थानों को बंद करने पर सवाल

सदन में संस्थानों को डिनोटिफाई करने का मुद्दा भी गूंजा। जयराम ठाकुर ने सरकार से बंद संस्थानों की जानकारी मांगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जवाब दिया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भरोसा दिलाया कि अगले सत्र में पूरी जानकारी दी जाएगी।

सोशल मीडिया और ‘राधे-राधे’ विवाद

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी छवि खराब करने के लिए एजेंसियां हायर की हैं। जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि यह भाजपा की संस्कृति है, कांग्रेस की नहीं। सीएम ने अपने ‘राधे-राधे’ वाले वीडियो पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ उनकी बातचीत को गलत तरीके से सोशल मीडिया पर पेश किया गया।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश: शिक्षकों की कमी से बर्बाद हो रहे चौपाल के यह स्कूल, छात्रों का पलायन जारी

पुरानी बातें भूलने की सलाह

विवाद बढ़ने पर जयराम ठाकुर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने कभी नॉनसेंस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। उनका किसी से व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है। उन्होंने जनहित के मुद्दों पर बात करने और पुरानी बातों पर मिट्टी डालने की सलाह दी। सीएम सुक्खू ने भी माहौल शांत करते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनी रहनी चाहिए। स्पीकर ने आश्वासन दिया कि असंसदीय शब्दों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।

Hot this week

Related News

Popular Categories