Himachal Pradesh News: मंडी जिले के बरोट क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण ऊहल नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। नदी में पानी का बहाव 50,000 क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया है। इस स्थिति में शानन और बस्सी पनबिजली परियोजनाओं में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
नदी में बढ़ा गाद का स्तर
ऊहल नदी में गाद की मात्रा 45,000 पीपीएम तक पहुंच गई है। यह स्तर किसी भी जलविद्युत परियोजना के लिए खतरनाक माना जाता है। अधिक गाद होने से टरबाइनों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। परियोजना अधिकारियों ने एहतियातन उत्पादन रोकने का निर्णय लिया है।
प्रभावित परियोजनाएं
शानन पनबिजली परियोजना 110 मेगावाट क्षमता की है। इसका संचालन पंजाब राज्य बिजली बोर्ड करता है। बस्सी परियोजना 76 मेगावाट क्षमता की है और यह हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के अधीन आती है। दोनों परियोजनाओं के ठप होने से दोनों राज्यों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
किए गए हैं सुरक्षा उपाय
पानी के दबाव को कम करने के लिए ऊहल विद्युत परियोजना के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इससे पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकेगा। बड़े हादसे को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जलस्तर सामान्य होने तक उत्पादन बंद रहेगा।
आर्थिक प्रभाव
दोनों परियोजनाओं के ठप होने से प्रतिदिन लगभग 1.75 करोड़ रुपये की राजस्व हानि हो रही है। इससे पंजाब और हिमाचल प्रदेश सरकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

