Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अब खुली सिगरेट और बीड़ी बेचना भारी पड़ सकता है। सरकार ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। अब नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों का सीधे चालान कटेगा। प्रदेश सरकार ने पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारियों को जुर्माना लगाने की पावर दे दी है। यह कदम हिमाचल प्रदेश में नशाखोरी रोकने के लिए उठाया गया है।
पुलिस और पंचायत सचिव करेंगे कार्रवाई
उपायुक्त अमरजीत सिंह ने नई अधिसूचना की जानकारी साझा की है। अब एएसआई और उनसे ऊपर के रैंक के पुलिस अधिकारी कार्रवाई कर सकेंगे। वे मौके पर ही पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ेगी। वहां पंचायत सचिव और उनसे ऊपर के अधिकारी अब चालान काटेंगे।
शहरों में इन अधिकारियों को मिली ताकत
शहरी क्षेत्रों में भी सख्ती बरती जाएगी। यहां सेनिटरी इंस्पेक्टर और सचिव को चालान काटने का अधिकार मिला है। नगर निकायों के ईओ और वरिष्ठ अधिकारी भी निरीक्षण करेंगे। अगर कोई दुकानदार खुली सिगरेट बेचता मिला तो उस पर तुरंत एक्शन होगा। यह आदेश सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2016 के तहत जारी हुआ है।
आबकारी और खाद्य विभाग भी काटेगा चालान
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को इसमें शामिल किया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर भी अब दुकानों की जांच करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर भी कार्रवाई के लिए अधिकृत हैं। खाद्य सुरक्षा निरीक्षक भी नियमों का पालन सुनिश्चित करवाएंगे। सरकार का मकसद तंबाकू उत्पादों के खुले व्यापार पर लगाम लगाना है।

