Himachal News: मंडी जिले में मौसम ने करवट ली है और सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। Himachal Pradesh की ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं। शिकारी देवी, कमरुनाग और शैटाधार जैसे धार्मिक स्थल पूरी तरह सफेद हो चुके हैं। करीब चार महीने के लंबे इंतजार के बाद इंद्र देवता प्रसन्न हुए हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश से किसान और पर्यटक झूम उठे हैं।
बागवानों के लिए ‘संजीवनी’ बनी बर्फ
सेब के बगीचों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं है। Himachal Pradesh के बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार यह बर्फबारी और बारिश सेब के पौधों के लिए रामबाण है। डॉ. एसपी भारद्वाज ने बताया कि नमी मिलने से फसलों को नया जीवन मिला है। निचले इलाकों में बारिश होने से किसान अब गेहूं की बिजाई शुरू कर सकेंगे। उत्तम चंद, राजीव ठाकुर और अन्य स्थानीय किसानों ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगी।
शिकारी देवी मंदिर के कपाट बंद
बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। सुरक्षा के लिहाज से शिकारी देवी मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने मंदिर परिसर से दुकानदारों और अन्य लोगों को नीचे आने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, कमरुनाग मंदिर को अभी आधिकारिक तौर पर बंद नहीं किया गया है। Himachal Pradesh के लोक निर्माण, बिजली और आईपीएच विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए कमर कस ली है। अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
