Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले ने सियासी गर्मी बढ़ा दी है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस फैसले को लोकतंत्र की जीत बताया है। उन्होंने सुक्खू सरकार पर आपदा प्रबंधन अक्त का गलत इस्तेमाल कर चुनाव टालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार जनता का सामना करने से डर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि न्यायालय का निर्णय संवैधानिक मर्यादाओं को कुचलने वालों के लिए सबक है। उन्होंने सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित करने का आरोप लगाया। ठाकुर ने कांग्रेस नेताओं के संविधान बचाओ अभियान को भी ढोंग बताया। उनका कहना था कि प्रदेश में सरकार संविधान की धज्जियां उड़ा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रतिक्रिया को हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायालय के आदेशों का अपनी सुविधा से गलत अर्थ निकाल रही है। ठाकुर ने आपदा राहत राशि के दुरुपयोग का भी संकेत दिया। उनका आरोप था कि सरकार आपदा में भी उत्सव मनाने की मानसिकता रखती है।
चुनाव आयोग पर दबाव की चिंता
जयराम ठाकुर ने राज्य चुनाव आयोग पर सरकारी दबाव की गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष काम नहीं करने दे रही है। उन्हें लगता है कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र निर्णय लेने के बजाय सरकारी इशारों पर चलने को मजबूर किया जा रहा है। यह स्थिति लोकतंत्र के भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक स्वायत्त संस्था को इस तरह पंगु बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से साबित होता है कि सरकार की नीयत साफ नहीं थी। सरकार का उद्देश्य केवल समय काटना और चुनावों को अनिश्चित काल तक टालना था। न्यायपालिका ने इस खेल को समझ लिया और जनहित में फैसला सुनाया।
भाजपा ने किया फैसले का स्वागत
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी हाईकोर्ट के इस फैसले का पुरजोर स्वागत करती है। न्यायपालिका ने जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को सर्वोपरि रखा है। सरकार चुनावों से भागने के कितने भी रास्ते तलाश ले, लेकिन अंततः न्याय ने जनता के पक्ष में फैसला दिया है। यह फैसला प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी राहत है।
उन्होंने सरकार को सख्त चेतावनी भी दी है। सरकार को अब और हथकंडे अपनाना बंद करना चाहिए। चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने की अनुमति देनी चाहिए। प्रदेश में रुकी हुई लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। स्थानीय निकायों में जन-प्रतिनिधियों का चुनाव शीघ्र होना चाहिए।
सरकार पर लोकतंत्र विरोधी होने का आरोप
जयराम ठाकुर का आरोप है कि सुक्खू सरकार चुनावों से भयभीत है। सरकार जनता का सामना करने से कतरा रही है। इसी डर के कारण सरकार नियमों को ढाल बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित कर रही है। कांग्रेस की पुरानी कार्यसंस्कृति ही आपदा की आड़ में लोकतंत्र का गला घोंटने की रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ग्राम पंचायत से लेकर नगर निकायों के चुनाव में सरकार की मनमानी साफ दिख रही है। इससे स्पष्ट है कि सुक्खू सरकार को किसी भी कायदे-कानून और संविधान की कोई चिंता नहीं है। प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है। वह समझ रही है कि किस तरह उसके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के बयानों को भी निशाने पर लिया। उनका कहना है कि सरकार आपदा प्रबंधन अक्त का राजनीतिक फायदा उठा रही है। इस कानून का उद्देश्य आपदा के समय लोगों की रक्षा करना है। सरकार इसका उपयोग अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन बचाने के लिए कर रही है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

