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Himachal Pradesh News: एम्स बिलासपुर में लगी 2.25 करोड़ की डेक्सा मशीन, अब हड्डियों की जांच होगी आसान

Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के मरीजों को अब हड्डियों की सेहत जांचने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एम्स बिलासपुर के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग में 2.25 करोड़ रुपये की डेक्सा मशीन लगाई जा रही है। यह मशीन अगले दो महीने में मरीजों की सेवा के लिए तैयार हो जाएगी।

प्रदेश की पहली हाई-एंड डेक्सा मशीन

एम्स बिलासपुर हिमाचल प्रदेश का पहला सरकारी संस्थान बन गया है जहां डेक्सा मशीन लगाई गई है। इससे पहले प्रदेश के मरीजों को हड्डियों की जांच के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। मशीन का इंस्टालेशन एक विदेशी कंपनी द्वारा किया जाएगा।

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किन मरीजों को मिलेगा फायदा?

डेक्सा मशीन से हड्डियों का घनत्व (Bone Mineral Density) मापा जाता है। यह ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) का पता लगाने में मदद करती है। इससे यह भी पता चलता है कि मरीज को भविष्य में फ्रैक्चर का कितना खतरा है। निम्नलिखित मरीजों को इससे विशेष लाभ मिलेगा:

  • मेनोपॉज के बाद की महिलाएं
  • 65 साल से अधिक उम्र के पुरुष
  • स्टेरॉयड या कैंसर थेरेपी ले रहे मरीज
  • बार-बार फ्रैक्चर होने वाले लोग
  • थायरॉयड, किडनी और लीवर के पुराने रोगी

जांच प्रक्रिया सरल और सुरक्षित

डेक्सा मशीन से जांच कराना पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें रेडिएशन बहुत कम होता है और पूरी प्रक्रिया में केवल 5 से 15 मिनट लगते हैं। न तो इंजेक्शन की जरूरत होती है और न ही बेहोश करने की। यह बुजुर्गों और कमजोर मरीजों के लिए भी आरामदायक है।

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समय पर इलाज से बच सकती हैं गंभीर समस्याएं

इस मशीन के आने से हिमाचल के लोगों को समय रहते हड्डियों से जुड़ी बीमारियों का पता चल सकेगा। ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर जैसी स्थितियों में मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। इससे न केवल जीवन की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि बाहर जाकर इलाज कराने का खर्च भी बचेगा।

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