Himachal News: हिमाचल प्रदेश में फर्जी डिग्रियां बांटने वालों की अब खैर नहीं है। शिमला की विशेष अदालत ने शनिवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है। सोलन के मानव भारती यूनिवर्सिटी से जुड़े मां-बेटे को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर दिया गया है। यह फैसला हिमाचल प्रदेश के हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले मामले में आया है। अदालत के इस आदेश के बाद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कोर्ट का सख्त आदेश
विशेष न्यायाधीश दविंदर कुमार ने यह सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने मनदीप राणा और उसकी मां अशोनी कंवर को भगोड़ा करार दिया है। मनदीप मुख्य आरोपी राजकुमार राणा का बेटा है। अदालत ने माना कि इन दोनों ने जानबूझकर भारतीय कानून से बचने की कोशिश की है। वे गिरफ्तारी के डर से देश छोड़कर भाग गए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपियों ने कानून का पालन नहीं किया।
ऑस्ट्रेलिया में छिपे हैं आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली है। एजेंसी के मुताबिक दोनों आरोपी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में हैं। इस मामले में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ है। जांच एजेंसी ने साल 2020 में राजकुमार राणा और अन्य पर केस दर्ज किया था। यह मामला हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के नाम पर हुई बड़ी धोखाधड़ी से जुड़ा है।
387 करोड़ की काली कमाई
ईडी ने साल 2024 में एक बड़ा खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ‘फर्जी’ डिग्रियां बेचकर 387 करोड़ रुपये कमाए थे। एजेंसी ने दिसंबर 2022 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट ने जनवरी 2023 में दोनों को समन भेजा था। जब वे पेश नहीं हुए, तो नवंबर 2023 में गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। इसके बावजूद वे कोर्ट में नहीं आए।
अब जब्त होगी संपत्ति
भगोड़ा घोषित होने के बाद अब एजेंसी आरोपियों की संपत्ति जब्त करेगी। अधिकारियों ने बताया कि् जब्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून उन लोगों पर लगता है जो 100 करोड़ से ज्यादा का घोटाला करके विदेश भाग जाते हैं। इससे पहले विजय माल्या और संजय भंडारी पर भी ऐसी ही कार्रवाई हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश सरकार भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है।

