रविवार, जनवरी 4, 2026
3.3 C
London

Himachal Pradesh: रिज मैदान पर हुआ ऐतिहासिक आगाज, CM सुक्खू ने खोला खुशियों का पिटारा!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर शनिवार को एक नया अध्याय शुरू हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘हिम एमएसएमई फेस्ट 2026’ का शानदार शुभारंभ किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह आयोजन हिमाचल प्रदेश के छोटे उद्योगों की तस्वीर बदल देगा। सरकार का मकसद सिर्फ मेला लगाना नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों को वैश्विक मंच देना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए कई बड़े एलान भी किए।

‘हिम’ ब्रांड से गूंजेगा देश और दुनिया

सीएम सुक्खू ने बताया कि सरकार ‘मेड इन हिमाचल’ को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए विशेष रूप से ‘हिम’ ब्रांड को प्रमोट किया जा रहा है। इससे हिमाचल प्रदेश के गांवों में बनने वाले उत्पाद अब देश-विदेश में अपनी पहचान बनाएंगे। यह फेस्ट हजारों छोटे उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स के लिए आगे बढ़ने का सुनहरा मौका है। सरकार चाहती है कि स्थानीय उत्पाद ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह पक्की करें।

यह भी पढ़ें:  दीपावली शुभकामनाएं: हिमाचल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को बधाई

करोड़ों का निवेश और हजारों नौकरियां

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। पिछले तीन वर्षों में दुबई और जापान जैसे बड़े केंद्रों में निवेशकों के साथ बैठकें हुई हैं। इसका नतीजा यह है कि 5000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों पर बात बनी है। हिमाचल प्रदेश में 14 हजार करोड़ की 683 औद्योगिक परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है। इससे करीब 32 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

गिनीज बुक में दर्ज हुआ हिमाचल का हुनर

इस मौके पर एक और गर्व करने वाली बात सामने आई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कारीगरों की हाथ से बनी शॉल को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में जगह मिली है। यह हिमाचल प्रदेश के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। फेस्ट में देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी पहुंचे हैं। इससे यहां के बुनकरों और कारीगरों को अपने उत्पाद सीधे विदेशी बाजार में बेचने का मौका मिलेगा।

यह भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश: सैस राजस्व पर नई एसओपी, अब विभाग खर्च कर सकेंगे अपना पैसा

ग्रीन एनर्जी और महिला शक्ति पर जोर

फेस्ट में एमएसएमई के ‘हरितीकरण’ पर खास फोकस है। इसका मकसद प्रदूषण कम करना और ऊर्जा बचाना है। हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। इसके अलावा महिला उद्यमियों के लिए अलग सत्र रखे गए हैं। ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत महिलाओं को नेटवर्किंग के खास मौके दिए जा रहे हैं।

स्टार्ट-अप्स की लगी कतार

सरकार की नीतियों का असर अब दिखने लगा है। बीते तीन साल में प्रदेश में 107 नए स्टार्ट-अप शुरू हो चुके हैं। अभी 407 स्टार्ट-अप कतार में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों को मजबूत करने के लिए केंद्र से 1642 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। इसमें से 109 करोड़ रुपये मिल भी चुके हैं। कार्यक्रम के अंत में सीएम ने कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और स्टॉल पर जाकर उत्पादों की तारीफ की।

Hot this week

Related News

Popular Categories