Himachal News: Himachal Pradesh हाई कोर्ट ने पोंग डैम वेटलैंड मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अभयारण्य क्षेत्र में हो रही अवैध गतिविधियों पर प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने माना कि वन विभाग की लापरवाही से वहां अवैध खेती और शिकार चल रहा है। जजों ने अधिकारियों को तुरंत अवैध कब्जे हटाने और फसलें नष्ट करने का आदेश दिया है। Himachal Pradesh के इस अहम वन्यजीव क्षेत्र को बचाने के लिए कोर्ट ने सख्त कदम उठाए हैं।
अफसरों की लापरवाही पर कोर्ट सख्त
मुख्य न्यायाधीश जी.एस. संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने 7 जनवरी 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासन की क्लास लगाई। कोर्ट ने कांगड़ा के उपायुक्त और वन संरक्षक को आड़े हाथों लिया। आदेश में साफ कहा गया है कि वेटलैंड से सारी अवैध बाड़बंदी तुरंत हटाई जाए। Himachal Pradesh हाई कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में वहां एक इंच जमीन पर भी खेती न हो।
विस्फोटक खिलाकर हो रहा शिकार
कोर्ट में पेश की गई तस्वीरों ने Himachal Pradesh की प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी। वहां पक्षियों और जानवरों को खाने में विस्फोटक मिलाकर दिया जा रहा है। इससे वन्यजीवों के साथ-साथ मवेशियों की भी मौत हो रही है। पोंग डैम में हर साल रूस और अन्य देशों से हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। लेकिन अफसरों की आंखों के सामने उनका घर उजाड़ा जा रहा था। यह खुलासा होते ही अदालत ने नाराजगी जाहिर की।
अब ड्रोन से होगी निगरानी
हाई कोर्ट ने दो टूक कहा कि वेटलैंड किसी की निजी जागीर नहीं है। यहां खेती करने वाले लोग अतिक्रमणकारी हैं और उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। Himachal Pradesh हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि अब ड्रोन से पूरे इलाके की निगरानी की जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई निचली अदालत ऐसे लोगों को स्टे नहीं दे सकेगी। मामले की अगली सुनवाई अब 8 अप्रैल 2026 को होगी। प्रशासन को तब तक स्टेटस रिपोर्ट देनी होगी।

