Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अगस्त की आपदा के बाद से बंद रास्तों के खुलने का सिलसिला जारी है। जिला मार्केट कमेटी के चेयरमैन ललित ठाकुर ने मंगलवार को सुनारा-कुंडी मार्ग का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहकर सड़क को बड़े वाहनों के लिए खोलने का काम शुरू करवा दिया है। इस कदम से हिमाचल प्रदेश के इस दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीणों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
महंगे सफर से मिलेगी आजादी
बीते अगस्त माह में हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा ने सुनारा-कुंडी मार्ग को बुरी तरह तोड़ दिया था। लोक निर्माण विभाग ने छोटे वाहनों के लिए रास्ता बना दिया था, लेकिन बस सेवा पूरी तरह ठप थी। बसें न चलने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे उनकी जेब पर भारी असर पड़ रहा था। अब बड़े वाहनों के लिए सड़क खुलने से बस सेवा फिर से बहाल हो सकेगी।
दो दिन में एक्शन, मौके पर पहुंचे अधिकारी
ग्रामीणों ने दो दिन पहले ही ललित ठाकुर से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थी। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए ललित ठाकुर मंगलवार को PWD के सहायक अभियंता राकेश कुमार और कनिष्ठ अभियंता सिद्धार्थ के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मशीनरी लगाकर रास्ता चौड़ा करने का काम शुरू करवाया। साथ ही सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खतरनाक जगहों पर रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) लगाने के निर्देश भी दिए।
40 साल पुराना दर्द भी आया सामने
सड़क के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने हिमाचल प्रदेश सरकार के समक्ष एक और पुरानी मांग रखी। लोगों ने बताया कि उनका पशु चिकित्सालय पिछले 40 सालों से अपने भवन का इंतजार कर रहा है। आज तक इसका स्थायी भवन नहीं बन पाया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि चिकित्सालय भवन के निर्माण के लिए जल्द से जल्द पैसा जारी किया जाए।
